उन्होंने लोगों से अपील की कि वे कानून को अपने हाथ में न लें। उन्होंने कहा, घटना को लेकर किसी को भी उत्तेजित नहीं होना चाहिए और कानून को अपने हाथों में नहीं लेना चाहिए या समाज में शांति भंग करने का प्रयास नहीं करना चाहिए। युवती की मौत के लिए न्याय दिलाना हमारा दायित्व है। इस संबंध में पुलिस विभाग कड़ी कार्रवाई करेगा।
हुबली से यह सनसनीखेज गुरुवार को सामने आया। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने कथित तौर पर युवती को प्रपोज किया था। लेकिन छात्रा ने उसका प्रस्ताव ठुकरा दिया था। जिसके बाद उसने उस पर पांच-छह बार चाकू से हमला किया। पुलिस ने बताया कि कांग्रेस पार्षद निरंजन हिरेमथ की बेटी नेहा (23 वर्षीय) एमसीए प्रथम वर्ष की छात्रा थी। आरोपी फैयाज (23) ने एमसीए की पढ़ाई बीच में छोड़ दी थी। पुलिस के मुताबिक, इस घटना के सिलसिले में आरोपी गिरफ्तार कर लिया गया। पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई।
चाकू से किया पांच-छह बार हमला
एक अधिकारी ने बताया कि फैयाज चाकू लेकर कॉलेज परिसर के अंदर गया और उसने नेहा पर पांच-छह बार चाकू से हमला किया। हमले के दौरान उसे भी चोटें आईं और उसे पीड़िता के साथ ही अस्पताल ले जाया गया। जहां अस्पताल में नेहा को मृत घोषित कर दिया गया। उन्होंने बताया कि पूछताछ के दौरान उसने (फैजाज) ने दावा किया कि वे दोनों रिलेशनशिप में थे और वह अचानक उससे दूर रहने लगी थी। इसकी पुष्टि और सत्यापन करने की जरूरत है। उसे तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया और उसके खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच जारी है।
घटना को लेकर नेहा के पिता हिरेमथ ने बताया कि उनकी बेटी की सुबह आठ बजे से क्लास थी। शाम करीब साढ़े चार बजे जब वह अपनी क्लास पूरी करने के बाद बाहर निकली तो यह व्यक्ति (फैयाज) उसकी ओर आया। आरोपी ने कॉलेज परिसर के अंदर उस पर करीब छह बार चाकू से हमला किया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
फांसी पर लटकाया जाना चाहिए आरोपी: पिता
उन्होंने बताया कि वह (आरोपी) एक पूर्व छात्र था और उसने मेरी बेटी को प्रपोज किया था लेकिन उसने उसका प्रस्ताव ठुकरा दिया था। वह उसे पसंद नहीं करती थी और वह आमतौर पर इस सब से दूर रहती थी। उसने उसे यह कहते हुए मना कर दिया था कि वे दोनों अलग-अलग समुदाय के हैं और वह उसके साथ कोई रिश्ता नहीं रखना चाहती। गुस्से में आकर उसने मेरी बेटी को चाकू से मार दिया। उन्होंने अपनी बेटी के लिए न्याय की मांग करते हुए कहा कि आरोपी को फांसी पर लटकाया जाना चाहिए, तभी मेरी बेटी की आत्मा को शांति मिलेगी।