देशभर में सियासी सरगर्मियों के बीच निर्वाचन आयोग ने अधिक मतदाताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए चुनाव आयोग ने 'होम वोटिंग पॉलिसी' शुरू की है। इस नीति के तहत महाराष्ट्र में पिछले 48 घंटों में 85 वर्ष से अधिक उम्र के कुल 4,334 लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। लोकसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान से चंद घंटे पहले एक चुनाव अधिकारी ने गुरुवार को यह जानकारी दी।चुनाव अधिकारी ने कहा कि चुनाव आयोग वरिष्ठ नागरिकों और विकलांग व्यक्तियों के लिए घर से मतदान करने की सुविधा लेकर आया है। उन्होंने कहा, योजना के तहत, 85 वर्ष से अधिक उम्र के 4,334 मतदाताओं और 727 दिव्यांग व्यक्तियों (पीडब्ल्यूडी) ने मतदान किया।
बंगाल में धारदार हथियारों से हमला; दो TMC कार्यकर्ता घायल
एक अन्य घटना पश्चिम बंगाल के कूचबिहार से सामने आई। कूचबिहार लोकसभा क्षेत्र में मतदान से कुछ घंटे पहले गुरुवार रात अज्ञात हमलावरों के हमले में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के दो कार्यकर्ता गंभीर रूप से घायल हो गए। बता दें कि उत्तरी पश्चिम बंगाल के संसदीय क्षेत्र में पहले चरण के तहत 19 अप्रैल को सुबह सात बजे से मतदान होना है। प्रदेश विधानसभा में विपक्षी दल- भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर हमले की साजिश रचने का आरोप लगाते हुए, उत्तर बंगाल विकास मंत्री और टीएमसी के दिनहाटा से विधायक उदयन गुहा ने कहा कि दोनों दिनहाटा में बूथ समिति अध्यक्ष के घर जा रहे थे, तभी उन्हें रोका गया और उनपर धारदार हथियारों से हमला किया गया।
ऑनलाइन जालसाजी में गंवाए 35.12 लाख रुपये; मुंबई साइबर पुलिस ने व्यवसायी को लौटाए
मुंबई पुलिस ने ऑनलाइन जालसाजी के शिकार व्यवसायी के 35.12 लाख रुपये वापस करने में कामयाबी पाई है। पुलिस के मुताबिक दक्षिण मुंबई के रहने वाले पीड़ित की शिकायत के बाद अपराध शाखा के साइबर सेल ने कार्रवाई की। पुलिस अधिकारी ने कहा, धोखाधड़ी करने वालों ने खुद को पुलिस और आयकर विभाग का अधिकारी बताया खा। व्यवसायी से यह कहकर 35.12 लाख रुपये की ठगी को अंजाम दिया गया कि उसके नाम पर एक पार्सल था और कुछ अनधिकृत लेनदेन भी किए गए थे।
ओडिशा में जंगल की आग से निपटने की खास तैयारियां
ओडिशा के प्रधान मुख्य वन संरक्षक (पीसीसीएफ) देबदत्त बिस्वाल ने बताया है कि उनके विभाग ने विभिन्न वन प्रभागों में 11,367 वन अग्नि बिंदुओं की पहचान की गई है। यह संख्या पिछले साल 17 अप्रैल के 31,210 अंक की तुलना में कम है। विभाग ने जंगल की आग से निपटने के लिए 370 दस्ते और 330 अग्निशमन वाहन तैनात किए हैं। इसके अतिरिक्त, एक समर्पित पोर्टल भी स्थापित किया गया है। इसमें उपग्रह के माध्यम से सीधे जंगल की आग की निगरानी की जा सकेगी। जानकारी जुटाने के लिए 10,000 वन अधिकारियों के मोबाइल नंबर दर्ज किए गए हैं।