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मोदी-शाह को घेरने के लिए कांग्रेस ने बदली रणनीति, युवाओं पर किया फोकस

Thu, 14 Mar 2019 04:34 PM IST
Jitendra Bhardwaj जितेंद्र भारद्वाज, नई दिल्ली
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राहुल गांधी (फाइल फोटो) - फोटो : पीटीआई
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बालाकोट एयर स्ट्राइक के बाद जिस तरह से भाजपा ने एकाएक अपनी चुनावी रणनीति में फेरबदल की थी ओर राष्ट्रवाद के मुद्दे को केंद्र में लाई थी, अब उसी तरह कांग्रेस पार्टी ने भाजपा को घेरने के लिए एक नया चक्रव्यूह तैयार किया है। कांग्रेस पार्टी ने अपने चक्रव्यूह में 'राफेल और किसानों' के मुद्दे से थोड़ा परे हटकर युवाओं पर फोकस कर दिया है। 'बेरोजगारी' की समस्या को लेकर अब कांग्रेस पार्टी लोकसभा चुनाव मैदान में उतरने जा रही है। मतलब सीधा सा है, कांग्रेस पार्टी ने अपने एक आंतरिक सर्वे से यह पता लगाया है कि युवाओं से जुड़ा मुद्दा ही पूरे परिवार को कांग्रेस के पक्ष में मतदान केंद्र तक आने के लिए राजी कर सकता है।

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बता दें कि कांग्रेस पार्टी अभी तक राफेल और दूसरे मामलों में भ्रष्टाचार से जुड़े मुद्दों को लेकर ही लोकसभा चुनाव में जाने की योजना बना रही थी। पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी अपनी सभी जनसभाओं में 'राफेल' सौदे के कथित भ्रष्टाचार को ही सबसे ज्यादा तव्वजो दे रहे थे। वे राफेल को लेकर पीएम मोदी पर हमला बोलते रहे हैं। दूसरे स्थान पर किसानों के मुद्दे को प्रमुखता दी जा रही थी। इसके बाद बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर बात होती थी। 

बालाकोट एयर स्ट्राइक से पहले भाजपा राम मंदिर मुद्दे को केंद्र में रखकर आगे बढ़ती रही। उस वक्त तक भाजपा राफेल को लेकर बैकफुट पर जाने जैसी स्थिति में रही थी, इस बात से खुद भाजपाई भी इंकार नहीं करते हैं। एयर स्ट्राइक के बाद पायलट अभिनंदन की सकुशल वापसी को भाजपा ने जिस तरह भुनाना शुरू किया, उसके सामने कांग्रेस का 'राफेल' फीका पड़ गया। कांग्रेस के इंटरनल सर्वे में भी यह बात सामने आई है कि राष्ट्रवाद एकाएक सभी दूसरे मुद्दों पर भारी पड़ने लगा है। 
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प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी रैलियों में जब यह कहा कि राफेल अगर हमारे पास होता तो आज परिणाम कुछ और होता। इसके बाद राफेल को लेकर माहौल काफी हद तक बदल गया।वोटरों में भाजपा द्वारा बढ़ाए जा रहे राष्ट्रवाद के मुद्दे का तोड़ निकालने के लिए कांग्रेस पार्टी को अब अपनी रणनीति बदलनी पड़ी है।

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कांग्रेस पार्टी की रणनीति में अब पूरा परिवार केंद्र में

चूंकि युवाओं का मुद्दा सभी दलों द्वारा अपने-अपने तरीके से उठाया जाता रहा है, लेकिन किसी भी पार्टी के मुख्य एजेंडे में 'बेरोजगारी' टॉप पर नहीं रही। हालांकि तीसरे-चौथे नंबर पर इसका जिक्र लगातार होता रहा है। कांग्रेस पार्टी ने अब यह महसूस किया है कि अगर 'युवा और बेरोजगारी' की समस्या लोगों को समझ आ गई तो ये बाकी सभी मुद्दों को पीछे छोड़ देंगे। 

कांग्रेस नेता प्रियंका चतुर्वेदी का कहना है कि हर परिवार का फोकस अपने बच्चों की पढ़ाई लिखाई और उनके करियर पर होता है। अब पीएचडी और दूसरी डिग्री वाले युवा जब चपरासी की नौकरी लेने के लिए दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं तो बेरोजगारी की हालत समझी जा सकती है। जब परिवार की भावी पीढ़ी का भविष्य ही नहीं होगा तो राष्ट्रवाद और मंदिर जैसे मुद्दे भी लोगों के मन में जगह नहीं बना सकते।

कांग्रेस पार्टी ने इन सब बातों को ध्यान में रखकर यह पता लगाया है कि आखिर चुनाव की दहलीज पर लोग नई सरकार से क्या उम्मीद रखते हैं। इसमें बेरोजगारी ही सबसे अहम मुद्दा बनकर सामने आया है।
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भाजपा ने किया युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ : सुरजेवाला

कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने साफ तौर पर कहा है कि अब हम युवाओं के मुद्दे को लेकर लोकसभा चुनाव में उतर रहे हैं। यह हमारा मुख्य चुनावी मुद्दा रहेगा। उन्होंने कहा, युवाओं को यह नहीं पता कि उनका भविष्य क्या है और वह किस ओर जा रहा है। आर्थिक विकास दर निचले स्तर पर है। फार्म इनकम ग्रोथ 14 साल के निचले स्तर पर है। 

निजी निवेश सात साल के निचले स्तर पर हैं। सीएमआईई के सर्वेक्षण के अनुसार, बेरोजगारी दर 7.2 फ़ीसदी के आंकड़े को छू रही है। एनएसएसओ की रिपोर्ट के अनुसार, बेरोजगारी दर 6.1 फीसद है। युवाओं के लिए बेरोजगारी की दर 13-27 फीसदी के खतरनाक स्तर पर जा पहुंची है। यह पिछले 45 साल में सबसे अधिक है।

अखिल भारतीय निर्माता संगठन ने भी दिसंबर 2018 में कहा कि 2016 के बाद से अकेले इस सेक्टर में 35 लाख नौकरियों का नुकसान हुआ था। इसकी मुख्य वजह नोटबंदी और जीएसटी है। रणदीप ने कहा, युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़, यह मुद्दा ही एनडीए भाजपा सरकार को उखाड़ फेंकेगा।
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