प्रधानमंत्री जी क्या आप जानते हैं?
कानून मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता रविशंकर प्रसाद ने अपनी प्रेसवार्ता में मेहुल चोकसी से प्रधानमंत्री के संबंधों पर अनभिज्ञता जताई थी। रविशंकर प्रसाद ने इसमें मेहुल चोकसी को नीरव मोदी का कारोबारी साझीदार बताया था।
इसके बरअक्स सुरजेवाला ने एक वीडियो क्लिप दिखाई। यह क्लिप केन्द्र सरकार द्वारा शुरू की गई गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम के समय की है। इसमें प्रधानमंत्री अपने भाषण में बड़ी आत्मीयता से सभागार में मौजूद मेहुल चौकसी का नाम लेते हुए संबोधित कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री यह कहते हुए मेहुल चौकसी का नाम ले रहे हैं कि सोना चाहे जैसा हो भारत के लोग इसे खरीदने के बाद अपने गांव या परिचित सुनार को विश्वास के लिए जरूरत दिखाते हैं। कांग्रेस प्रवक्ता ने इसी पर भाजपा, केन्द्र सरकार, कानून मंत्री और प्रधानमंत्री को घेरा है।
उन्होंने सवाल पूछा है कि क्या प्रधानमंत्री मेहुल को जानते हैं। प्रथम दृष्टया तो लग रहा है कि जानते हैं। लेकिन यदि जानते हैं तो कानून मंत्री इस पर अनभिज्ञता क्यों जता रहे हैं?
आज भी कांग्रेस ने पूछे पांच सवाल
कांग्रेस पार्टी के प्रवक्ता ने कहा कि कल उन्होंने पांच सवाल पूछे थे। इसका सरकार की तरफ से कोई जवाब नहीं आया। प्रधानमंत्री पूरे मामले में मौन हैं।
लेकिन उन्हें बताना चाहिए कि क्या यह घोटाला 21,600 करोड़ रुपये का है। इस घोटाले में 21,600 करोड़ रुपये के अलावा बैंकों को कितना नुकसान हुआ है?
- जब प्रधानमंत्री कार्यालय, कारपोरेट मंत्रालय, गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय समेत सात एजेंसियों से 07 मई 2015 से शिकायत की जा रही थी, तो समय रहते कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई?
- क्या प्रधानमंत्री मेहुल चोकसी को जानते हैं? जानते हैं तो सरकार कन्नी क्यों काट रही है?
- चार चरण के ऑडिट (पंजाब नेशनल बैंक से लेकर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया तक) की व्यवस्था के बावजूद सरकार की नाक के नीचे इतना बड़ा घोटाला कैसे हुआ और पता ही नहीं चला?