कांग्रेस में राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का कद बढ़ गया है। पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी ने वर्षों से संगठन महासचिव की जिम्मेदारी संभाल रहे जनार्दन द्विवेदी की जगह अब गहलोत को ये जिम्मेदारी सौंपी है। गहलोत और बीके. हरिप्रसाद से राज्यों का प्रभार वापस ले लिया गया है। हरिप्रसाद से ओडिशा की जिम्मेदारी लेकर उनकी जगह पूर्व केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह को प्रभारी बनाया गया है।
राहुल ने पार्टी महाधिवेशन में जिस बदलाव की बात कही थी, उसे लागू कर दिया है। वरिष्ठ नेताओं से जिम्मेदारी लेकर युवाओं को सौंपना शुरू कर दिया गया है।
अशोक गहलोत को गुजरात विधानसभा चुनाव से पहले वहां का प्रभारी बनाया गया था। अब उनसे यह जिम्मेदारी वापस लेकर एआईसीसी का महासचिव नियुक्त किया गया है।
राहुल ने तत्काल प्रभाव से गुजरात का प्रभार युवा सांसद राजीव साटव को दे दिया है। उन्होंने हाल ही में वहां प्रदेश अध्यक्ष भरत सिंह सोलंकी के स्थान पर विधायक अमित चावड़ा को अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी थी। सूत्र बताते हैं कि पार्टी ने ये बदलाव लोकसभा चुनाव को देखते हुए सांगठनिक ढांचे को मजबूत करने के लिए किया है।
कर्नाटक के नेता बीके. हरिप्रसाद ने ओडिशा में स्थानीय निकाय चुनाव में पार्टी के खराब प्रदर्शन के बाद अपना इस्तीफा दे दिया था, लेकिन पार्टी ने तब उसे मंजूर नहीं किया था।
ओडिशा विधानसभा चुनावों को देखते हुए इस बदलाव को अहम माना जा रहा है। कांग्रेस ने अपने अग्रिम संगठन अखिल भारतीय सेवादल के मुख्य संयोजक महेंद्र जोशी के स्थान पर लाल जी देसाई को यह जिम्मा सौंपा है।