कांग्रेस ने राज्यसभा चुनाव के लिए अपने सात उम्मीदवारों का एलान कर दिया है, जिसमें पार्टी ने सोशल इंजीनियरिंग और राहुल गांधी की 'कोर टीम' पर सबसे बड़ा भरोसा जताया है। पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी पवन खेड़ा की लंबे समय बाद 'तपस्या' पूरी हुई है और उन्हें कर्नाटक से टिकट मिला है। जानिए, किसे कहां से मिला टिकट...
कांग्रेस ने राज्यसभा के द्विवार्षिक चुनाव 2026 के लिए अपने उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है। पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की मंजूरी के बाद सात उम्मीदवारों के नामों पर अंतिम मुहर लगाई गई है। सूची में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन खेड़ा को कर्नाटक से उम्मीदवार बनाया गया है।
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कांग्रेस की ओर से जारी सूची के अनुसार, कर्नाटक से मल्लिकार्जुन खरगे, पवन खेड़ा और मंसूर अली खान को उम्मीदवार बनाया गया है। वहीं मध्य प्रदेश से पूर्व सांसद और वरिष्ठ कांग्रेस नेत्री मीनाक्षी नटराजन को टिकट दिया गया है। राजस्थान से नीरज डांगी को दोबारा राज्यसभा भेजने का फैसला किया गया है, जबकि तमिलनाडु से अर्थशास्त्री और पार्टी के रणनीतिकार प्रवीण चक्रवर्ती को उम्मीदवार बनाया गया है। झारखंड से प्रणव झा को पार्टी ने राज्यसभा चुनाव के लिए मैदान में उतारा है।
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किसे कहां से मिला टिकट?
राज्य
उम्मीदवार का नाम
पृष्ठभूमि
कर्नाटक
मल्लिकार्जुन खरगे
कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता विपक्ष। शुक्रवार को बंगलूरू में नामांकन करेंगे।
कर्नाटक
पवन खेड़ा
कांग्रेस के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी। पूर्व सीएम शीला दीक्षित के राजनीतिक सलाहकार रहे हैं।
कर्नाटक
मंसूर अली खान
कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव (केरल के सह-प्रभारी)। पूर्व केंद्रीय मंत्री के. रहमान खान के बेटे।
मध्य प्रदेश
मीनाक्षी नटराजन
पूर्व सांसद, राहुल गांधी की करीबी कोर-टीम का हिस्सा मानी जाती हैं।
तमिलनाडु
प्रवीण चक्रवर्ती
कांग्रेस के डेटा और रिसर्च विभाग के प्रमुख, राहुल गांधी के बेहद करीबी।
झारखंड
प्रणव झा
एआईसीसी के वरिष्ठ पदाधिकारी और पार्टी के प्रमुख चेहरा।
कर्नाटक में मजबूत स्थिति
कर्नाटक की चार खाली सीटों में से कांग्रेस अपने संख्या बल के आधार पर तीन सीटें आसानी से जीत सकती है। इसी वजह से पार्टी ने अपने सबसे बड़े चेहरे मल्लिकार्जुन खरगे के साथ पवन खेड़ा और मंसूर अली खान को यहां से सुरक्षित सीट पर उतारा है। सूची में मीनाक्षी नटराजन (मध्य प्रदेश) और प्रवीण चक्रवर्ती (तमिलनाडु) के नामों से साफ है कि टिकट बंटवारे में राहुल गांधी की पसंद को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है।
पवन खेड़ा की 'तपस्या' पूरी
लंबे समय से पार्टी का मीडिया चेहरा रहे पवन खेड़ा को आखिरकार संसद भेजने का फैसला किया गया है। हाल ही में असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के परिवार पर लगाए आरोपों के बाद वे कानूनी विवादों में भी घिरे रहे, लेकिन पार्टी ने उन पर पूरा भरोसा जताया है। शुक्रवार को बंगलूरू में जब मल्लिकार्जुन खरगे अपना पर्चा दाखिल करेंगे, तब लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी खुद वहां मौजूद रहेंगे, जो इस नामांकन को एक बड़ा राजनीतिक संदेश बनाएगा।