प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सोमेन मित्र ने बताया कि जनसंपर्क अभियान का मकसद राज्य के आम लोगों तक पहुंचना एवं नरेंद्र मोदी सरकार के भ्रष्टाचार, कुशासन और सांप्रदायिक राजनीति का खुलासा करना है। इसके अलावा हर घर से दो से पांच रुपये तक चंदा वसूला जाएगा। इन गतिविधियों का मकसद राज्य में पार्टी को मजबूत करना है।
उधर, माकपा पोलित ब्यूरो सदस्य एवं ‘किसान सभा’ के महासचिव हन्नान मौल्ला ने बताया कि पदयात्राओं के दौरान किसानों की समस्याओं और राज्य सरकार की जमीन नीति की विसंगतियों को उठाया जाएगा। साथ ही भाजपा की सांप्रदायिक राजनीति के खिलाफ प्रचार किया जाएगा। बता दें कि भाजपा ने पांच, सात एवं नौ दिसंबर को राज्य के तीन अलग-अलग इलाकों से रथयात्राएं निकालने का फैसला किया है।
इस बीच, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा कि कांग्रेस और माकपा दोनों ही बंगाल की राजनीति में हाशिए पर पहुंच चुकी हैं। लोग यहां भाजपा की ओर देख रहे हैं। हाल के पंचायत चुनाव एवं विभिन्न उपचुनावों से साबित हो चुका है कि राज्य में भाजपा ही तृणमूल कांग्रेस की अकेली विकल्प है।