संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावती अभी सिनेमा घरों में नहीं आई है, लेकिन इसकी चिनगारी ने भाजपा और कांग्रेस के सांसदों को बेचैन कर दिया है। कांग्रेस के राज्यसभा सांसद संजय सिंह जहां खुलकर आगे आए हैं, वहीं सुब्रामण्यम स्वामी ने भी मोर्चा संभाल लिया है। फिल्म को लेकर राजस्थान में लगातार नाराजगी बढ़ रही है। इसकी आंच सूचना एवं प्रसारण मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौर तक भी पहुंच रही है। दिन प्रतिदिन यह लड़ाई बड़ी होती जा रही है।
अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के बैनर तले बतौर अध्यक्ष राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कहा कि पद्मावती हमारी धरोहर, इतिहास, संस्कृति और मूल्यों को नष्ट करने के इरादे से बनाई गई फिल्म है। संजय सिंह का कहना है कि बालीवुड पहले भी इस तरह से इतिहास, संस्कृति, परंपरा पर छेड़छाड़ करता रहा है। संजय सिंह का कहना है कि पद्मावती फिल्म को लेकर राजपूत समाज को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ऐसा नहीं हुआ तो आने वाले समय में क्षत्रिय समाज और देश भर के संगठन बड़ा आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
पढ़ें- फिल्म पद्मावती पर मचे बवाल के बीच चित्तौड़गढ़ के पद्मिनी महल में चुपचाप कुछ लिखा जा रहा है
एक पूर्व बाहुबली सांसद ने इसके लिए सीधे फिल्म के निर्माता एवं निर्देशक संजय लीला भंसाली को चुनौती तक दे दी है। वहीं भाजपा के उ.प्र. के एक सांसद का कहना है कि उन्होंने केन्द्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री स्मृति ईरानी तथा राज्यमंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौर को पत्र लिखा है। राठौर राजपूताना हैं और उन्हें इस फिल्म से होने वाले नुकसान को समझना चाहिए।
पद्मावती को लेकर सोशल मीडिया पर भी जोरदार बहस जारी है। बालीवुड जहां इसे कला से जोड़कर एकजुट है, वहीं राजनीतिक-सामाजिक हलचल लगातार बढ़ रही है। फिल्म की अभिनेत्री दीपिका पादुकोण ने कहा कि इस फिल्म को रिलीज होने से कोई नहीं रोक सकता।
पढ़ें- राजस्थानः कोटा में 'पद्मावती' का ट्रेलर दिखाने पर बवाल, करणी सेना ने मॉल में की तोड़फोड़
दीपिका का कहना है कि फिल्म को सेंसर बोर्ड की अनुमति मिलने के बाद इसे रोके जाने का प्रश्न नहीं उठता। लेकिन दीपिका के इस बयान पर भाजपा के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद सुब्रामण्य स्वामी से नहीं रहा गया। उन्होंने सोशल मीडिया पर दीपिका पादुकोण की डच नागरिकता का मुद्दा उछाल दिया। स्वामी का कहना है कि दीपिका भारतीय नहीं है।