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कर्नाटक: जावड़ेकर ने कहा, कांग्रेस ने दिया चुनाव को सांप्रदायिक रंग, आजाद बोले- साबित करें

Fri, 11 May 2018 04:23 AM IST
पूनम मेहता, अमर उजाला, नई दिल्ली
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कर्नाटक विधानसभा चुनाव का प्रचार खत्म हो गया, लेकिन इस दौरान चुनाव को सांप्रदायिक रंग देने के मुद्दे पर कांग्रेस और भाजपा आमने-सामने हो गई। भाजपा के कर्नाटक स्टेट प्रभारी और केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर का कहना है कि इस चुनाव को मुद्दों से भटकाकर सांप्रदायिक रंग देने का काम कांग्रेस ने किया हैं। 

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गुलाम नबी आजाद ने वर्ग विशेष के वोट की बात की है। इसके जवाब में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा  कि अगर भाजपा सियासी लाभ के लिए उनका वर्ग विशेष से बात करना साबित कर दे तो वह राज्य सभा में नेता प्रतिपक्ष के पद से इस्तीफा दे देंगे। 

उन्होंने गलत साबित होने पर जावड़ेकर से भी इस्तीफा देने की मांग की। ‘अमर उजाला’ से फोन पर बातचीत के दौरान दोनों नेताओं ने एक-दूसरे पर आरोप- प्रत्यारोप मढे़। आजाद ने जावड़ेकर पर मानहानि का केस तक करने का भी ऐलान किया है।
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बता दें कि कर्नाटक में पूरे चुनाव प्रचार के दौरान किसानों की आत्महत्या, चार साल से पड़ रहा सूखा या फिर महादायी नदी के पानी को लेकर मची रार जैसे स्थानीय मुद्दे नहीं उठे। ये कांग्रेस और भाजपा के कद्दावर नेताओं के प्रचार में एड़ीचोटी का जोर लगाए रहने के बावजूद था। इन सभी के संबोधनों का केंद्र दलित, केंद्र का विकास और राहुल, सोनिया बनाम नरेंद्र मोदी ही रहा।

प्रचार के अंतिम दिन चुनाव की कमान संभाल रहे प्रकाश जावड़ेकर ने कहा, भाजपा 130 सीटें जीत रही है। कर्नाटक का चुनाव देश में विकास बनाम बयान की प्रासंगिकता सिद्ध करेगा। सांप्रदायिक राजनीति करने के सवाल पर जावड़ेकर ने कहा सांप्रदायिकता तो कांग्रेस फैला रही है। 

गुलाम नबी आजाद वर्ग विशेष के नाम पर वोट मांग रहे थे। हम केंद्र के विकास पर जनता के बीच गए हैं। आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति कांग्रेस ने शुरू की थी। अब राजराजेश्वरी फ्लैट वोटर कार्ड कांड में सात कांग्रेसी पकड़े गए हैं। वह भाजपा पर आरोप लगा रहे थे, अब बोलती बंद है। भाजपा का दामन इस मामले में भी पाक साफ साबित हुआ है। हमने सब्र से काम किया। सब सामने आ गया कि बदनाम करने की साजिश किसने की।

इसके बाद राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष गुलाम नबी आजाद से बात की गई तो उन्होंने कहा कि कांग्रेस सौ साल पुरानी पार्टी है। उसे अपनी आमद दर्ज कराने के लिए किसी संप्रदाय की राजनीति करने की जरूरत नहीं। हमने किसी स्पीच में नहीं कहा कि किसे वोट और किसके वोट, हमने सबके लिए, सबसे वोट मांगे हैं। 

जावड़ेकर प्रमाण लाएं, मैं राजनीति से संन्यास ले लूंगा, अपने पद से इस्तीफा पेश करता हूं। लेकिन अगर वह यह साबित नहीं कर सके तो क्या करेंगे? इस्तीफा देंगे? छोड़ेंगे अपना पद? मैं चुनौती देता हूं। जनता ने केंद्र के विकास की पोल खोल देख ली है। हम सीएम सिद्धारमैया के काम और राहुल की धमाकेदार परफॉर्मेंस की बदौलत जीतेंगे। सीटों के बारे में कहना नहीं चाहता, लेकिन जीत हमारी है।

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