कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर हेराल्ड हाउस का पट्टा रद्द करने की साजिश रचने का आरोप लगाया है। कांग्रेस के नेताओं ने कहा कि मोदी सरकार बदले की भावना से प्रेरित होकर हेराल्ड हाउस का पट्टा रद्द करने की तैयारी में है। इसके लिए सरकार ने सभी सरकारी मशीनरी को काम पर लगा दिया है। कांग्रेस ने नेशनल हेराल्ड, कौमी आवाज और नवजीवन को सच की रीढ़ बताया और कहा कि इसलिए सरकार इन्हें खत्म कर देना चाहती है।
वहीं इस पर नेशनल हेराल्ड ने ट्वीट कर लिखा कि सरकार हेराल्ड हाउस के 56 वर्षीय पट्टे को रद्द करने की कोशिश क्यों कर रही है? क्या यह नेशनल हेराल्ड, नवजीवन और कौमी आवाज सरकार को असुविधाजनक लगता है क्योंकि वे सत्ता में सच्चाई दिखाते हैं? क्या उनकी बढ़ती डिजिटल उपस्थिति उनके एजेंडे को कमजोर कर रही है?
उल्लेखनीय है कि सोमवार को भाजपा नेता सुब्रमण्यन स्वामी ने नेशनल हेराल्ड के मुख्य मामले में दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने याचिका दायर कर 17 नवंबर को उनके क्रास एग्जामिनेशन को टालने की मांग की है। वहीं उनकी अर्जी पर कोर्ट ने 17 नवंबर को विचार करने की बात कही है।
आपको बता दें कि नेशनल हेराल्ड मामले में कांग्रेस नेताओं के खिलाफ भाजपा नेता सुब्रह्मण्यम स्वामी द्वारा दायर आवेदन में कई खामियां सामने आयी थीं। अदालत ने टिप्पणी नेशलन हेराल्ड मामले की सुनवाई के दौरान दी थी। इस दौरान कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने उन पर लगाए गए आरोपों को खारिज किया था।
मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट अंबिका सिंह ने कहा था कि शिकायतकर्ता द्वारा दायर आवेदन में कई खामियां हैं और इसे शुरू में ही खारिज कर दिया जाना चाहिए। अदालत में इसी मामले पर 20 जनवरी को सुनवाई होनी थी। मामले में सोनिया और राहुल के अतिरिक्त वरिष्ठ कांग्रेस नेता मोतीलाल वोरा, ऑस्कर फर्नांडीस, सुमन दुबे तथा सैम पित्रोदा के नाम आरोपी के रूप में शामिल हैं। इन लोगों ने अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों को खारिज किया है। वहीं उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नेता सुब्रह्मण्यम स्वामी अपने द्वारा दायर नेशनल हेराल्ड मामले से संबंधित मुकदमे में विलंब कर रहे हैं।