कांग्रेस पार्टी ने शुक्रवार को केंद्र सरकार की जमकर आलोचना की है। इस दौरान कांग्रेस ने जनगणना में देरी और गृह मंत्रालय के आवंटित बजट के कम इस्तेमाल को लेकर केंद्र पर निशाना साधा है। राज्यसभा में गृह मंत्रालय के कामकाज पर चर्चा के दौरान कांग्रेस नेता अजय माकन ने जनगणना की देरी का मुद्दा उठाया और कहा कि 2011 में पिछली जनगणना के बाद से भारत की जनसंख्या में लगभग 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।
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'जनगणना के लिए हमने दो साल पहले की काम शुरू किया था'
अपने बयान में कांग्रेस नेता अजय माकन ने कहा कि, 2011 में जनसंख्या 121 करोड़ थी, अब इसके 146 करोड़ होने की उम्मीद है.... 2011 की जनगणना के लिए हमने 2009 में ही कार्यक्रम बनाना शुरू कर दिया था। अब हमारे लिए जनगणना महत्वपूर्ण है क्योंकि जन कल्याण के लिए हमारे सभी कार्यक्रम इसी पर आधारित हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत, जो ग्रामीण क्षेत्र की लगभग 70 प्रतिशत और शहरी क्षेत्र की 50 प्रतिशत आबादी को कवर करता है, यदि नई जनगणना की जाती है, तो अतिरिक्त 15 करोड़ लोगों को संभावित रूप से लाभ मिल सकता है।
'करोड़ों लोगों को लाभ से किया जा रहा वंचित'
अजय माकन ने आगे कहा, 'आप उन्हें उस लाभ से वंचित कर रहे हैं, क्योंकि आप अभी तक जनगणना नहीं कर रहे हैं।' उन्होंने कहा कि देरी से राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण कार्यालय की तरफ से किए जाने वाले अन्य सर्वेक्षणों में भी बाधा आएगी। अजय माकन ने यह स्वीकार करते हुए कि कोविड महामारी ने जनगणना योजनाओं को बाधित किया है, बाद के वर्षों में आवंटित धन का उपयोग नहीं करने के लिए सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि 2022 में आवंटित जनगणना निधि का 66 प्रतिशत, 2023 में 85 प्रतिशत और 2024 में 58 प्रतिशत समाप्त हो गया। उन्होंने कहा, 'जनगणना जल्द से जल्द कराने का कोई वादा नहीं किया गया है।'
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कांग्रेस नेता ने इन मुद्दों को लेकर जताई चिंता
कांग्रेस नेता ने सीमा सुरक्षा और पुलिस आधुनिकीकरण को लेकर चिंताओं को भी उजागर किया। अजय माकन के अनुसार, 2023-24 के लिए सीमा अवसंरचना विकास कार्यक्रम के तहत लगभग 225 करोड़ रुपये अप्रयुक्त रह गए। उन्होंने कहा, 'पिछले सात वर्षों में सीमा अवसंरचना और पुलिस आधुनिकीकरण के लिए आवंटित लगभग 70,697 करोड़ रुपये वापस कर दिए गए,' उन्होंने कहा कि बजट आवंटन का लगभग 22.93 प्रतिशत, लगभग एक-चौथाई, खर्च नहीं किया गया। इस दौरान अजय माकन ने सुरक्षा निहितार्थों के बारे में भी चिंता जताई, उन्होंने कहा, ड्रग्स, एके-47 और ग्रेनेड जैसे हथियार अवैध रूप से सीमाओं के माध्यम से प्रवेश कर रहे हैं और सरकार इस पर नियंत्रण नहीं रख पाई है। उन्होंने ग्लोबल वार्मिंग के कारण प्राकृतिक आपदाओं की बढ़ती आवृत्ति का हवाला देते हुए अर्धसैनिक बलों में रिक्तियों को भरने और आपदा प्रबंधन के लिए बजट आवंटन बढ़ाने का आह्वान किया।