Congress Protest Against VB-G RAM-G Bill: मनरेगा की जगह नए कानून के विरोध में कांग्रेस बुधवार को देशव्यापी प्रदर्शन करेगी। जानकारी के मुताबिक, यह विरोध-प्रदर्शन बुधवार को देश भर के जिला मुख्यालयों पर होगा। कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने सभी प्रदेश कांग्रेस अध्यक्षों को पत्र लिखकर निर्देश दिया है।
कांग्रेस ने केंद्र सरकार के नए ग्रामीण रोजगार कानून वीबी-जी राम जी के खिलाफ बुधवार को देशभर में विरोध प्रदर्शन करने का एलान किया है। पार्टी का आरोप है कि यह विधेयक महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम को खत्म करने की साजिश है और इससे गरीबों का अधिकार छीना जाएगा। कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने सभी प्रदेश कांग्रेस अध्यक्षों को पत्र लिखकर निर्देश दिया है कि बुधवार को हर जिले के मुख्यालय पर विरोध प्रदर्शन आयोजित किए जाएं। उन्होंने कहा कि इन प्रदर्शनों में महात्मा गांधी की तस्वीरें जरूर रखी जाएं, ताकि गांधीजी के नाम और मूल्यों को मिटाने के प्रयास के खिलाफ प्रतीकात्मक विरोध दर्ज कराया जा सके।
'मजदूरों के अधिकार और गांधीजी की विरासत पर सीधा हमला'
केसी वेणुगोपाल ने अपने पत्र में कहा कि यह सिर्फ एक कानून में बदलाव नहीं है, बल्कि मजदूरों के अधिकार, संघीय ढांचे और गांधीजी की विरासत पर सीधा हमला है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह 'भाजपा-आरएसएस की सोची-समझी साजिश' है, जिसका मकसद अधिकार आधारित कल्याण योजनाओं को खत्म कर उन्हें केंद्र के नियंत्रण वाली 'चैरिटी' में बदलना है।
कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने मंगलवार को लोकसभा में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) के लिए विकसित भारत गारंटी (वीबी-जी आरएएम जी) विधेयक, 2025 पेश किए जाने का भी जोरदार विरोध किया। इस मुद्दे पर संसद परिसर में विपक्षी सांसदों ने प्रदर्शन किया।
'यह लड़ाई सिर्फ राजनीतिक नहीं, बल्कि नैतिक भी'
केसी वेणुगोपाल ने यह भी कहा कि 28 दिसंबर को कांग्रेस के स्थापना दिवस के मौके पर हर ब्लॉक और गांव में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों में भी गांधीजी की तस्वीरें रखकर श्रम की गरिमा, सामाजिक न्याय और काम के अधिकार के प्रति पार्टी की प्रतिबद्धता दोहराई जाएगी। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा कि यह लड़ाई सिर्फ राजनीतिक नहीं, बल्कि नैतिक भी है। कांग्रेस को मनरेगा, गांधीजी की विरासत और गरीबों के लिए संविधान द्वारा दिए गए न्याय के वादे की रक्षा के लिए आगे आना होगा। कांग्रेस का कहना है कि केंद्र सरकार की तरफ से मनरेगा को हटाने की कोशिश देश के करोड़ों ग्रामीण मजदूरों के हितों पर सीधा प्रहार है और पार्टी इसके खिलाफ सड़क से संसद तक संघर्ष जारी रखेगी।