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Bangladesh: कांग्रेस विधायक का पीएम को पत्र, कहा- हिंदुओं की सुरक्षा के लिए करें इंदिरा गांधी जैसी कार्रवाई

Wed, 14 Aug 2024 04:45 PM IST
बशु जैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू

सार

कर्नाटक के शिवाजी नगर विधानसभा से विधायक रिजवान अरशद ने प्रधानमंत्री से बांग्लादेश के अलावा भारत में भी अल्पसंख्यकों पर आर्थिक और सामाजिक तौर पर हो रहे हमलों को लेकर कार्रवाई करने की मांग की।
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कांग्रेस विधायक रिजवान अरशद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। - फोटो : एक्स/एएनआई
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विस्तार
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बांग्लादेश में मची राजनीतिक उथल-पुथल और हिंदू अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचारों को लेकर कर्नाटक के एक विधायक ने पीएम नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। उन्होंने पत्र में कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हिंदू अल्पसंख्यकों की रक्षा के लिए 1971 में पूर्व प्रधानमंत्री स्व. इंदिरा गांधी की तरह सैन्य कार्रवाई करें। 

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कर्नाटक के शिवाजी नगर विधानसभा से विधायक रिजवान अरशद ने प्रधानमंत्री से बांग्लादेश के अलावा भारत में भी अल्पसंख्यकों पर आर्थिक और सामाजिक तौर पर हो रहे हमलों को लेकर कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने पत्र में लिखा है कि मैं सोशल मीडिया पर चल रही रिपोर्ट और वीडियो को लेकर काफी चितिंत हूं। इसमें दिखाया गया है कि किस तरह बांग्लादेश में राजनीतिक उथल-पुथल के बीच अल्पसंख्यक हिंदुओं पर अत्याचार किया जा रहा है। 

उन्होंने लिखा कि अगर यह रिपोर्ट सच हैं तो भारत-बांग्लादेश के बीच ऐतहासिक और सांस्कृतिक संबंधों को देखते हुए यह जरूरी है कि भारत इस मामले में सक्रिय रुख अपनाए। बांग्लादेश में हिंदुओं अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर हमें वहां की नई सरकार के साथ जुड़ने की पहल करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत में भी कई सोशल मीडिया हैंडल अल्पसंख्यकों पर हो रहे हमले को लेकर खबरें प्रसारित कर रहे हैं। सरकार को इन खबरों की प्रमाणिकता का पता लगाना चाहिए। अगर यह सच हैं तो भारत सरकार को कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। 
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विधायक अरशद ने कहा कि भारत के लोग हमेशा न्याय, शांति और मानवाधिकारों की रक्षा के लिए खड़े रहे हैं। इस वक्त बांग्लादेश में हमारे हिंदू भाई-बहनों की सहायता के लिए प्रधानमंत्री ठीक वैसे ही सैन्य कार्रवाई करें, जैसे 1971 में पूर्व प्रधानमंत्री स्व. इंदिरा गांधी ने की थी। प्रधानमंत्री को इसमें संकोच नहीं करना चाहिए। 

उन्होंने पत्र में लिखा कि मुझे विश्वास है कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत न केवल बांग्लादेश में बल्कि अपने देश में भी अल्पसंख्यकों की चिंताओं को दूर करने के लिए पहल करेगा। 
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