फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कांग्रेस की कार्रवाई: सुनील जाखड़ और केवी थॉमस की सभी पदों से छुट्टी, मेघालय के पांच पार्टी विधायक निलंबित

Tue, 26 Apr 2022 10:50 PM IST
Amit Mandal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

दो सप्ताह पूर्व समिति ने केवी थॉमस और सुनील जाखड़ को नोटिस जारी कर अपने ऊपर लगे आरोपों पर एक सप्ताह में जवाब देने को कहा था। मंगलवार को दोनों पर कार्रवाई कर दी गई। 
विज्ञापन
K V Thomas - फोटो : PTI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कांग्रेस ने मंगलवार को पंजाब इकाई के पूर्व प्रमुख सुनील जाखड़ और केरल के नेता के वी थॉमस को पार्टी के सभी पदों से हटाने का फैसला किया और पार्टी विरोधी गतिविधियों के लिए मेघालय में अपने पांच विधायकों को निलंबित कर दिया। कांग्रेस अनुशासन समिति ने जाखड़ के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की और शुरू में उन्हें दो साल के लिए निलंबित करने का निर्णय लिया गया लेकिन बाद में पार्टी में उनकी वरिष्ठता को ध्यान में रखते हुए अपने फैसले में नरमी बरतते हुए पार्टी के पदों से हटा दिया गया। 

विज्ञापन


मंगलवार सुबह दिल्ली में हुई बैठक में समिति ने मेघालय में कांग्रेस के पांच विधायकों को पार्टी के निर्देशों की अवहेलना करते हुए राज्य में सत्तारूढ़ मेघालय जनतांत्रिक गठबंधन (एमडीए) का समर्थन करने के लिए निलंबित करने की सिफारिश की थी। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने अनुशासन पैनल की सिफारिशों को मंजूरी दे दी है। सोनिया गांधी को मेघालय प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष विंसेंट पाला का एक पत्र मिला था जिसमें वहां की वर्तमान भाजपा समर्थित सरकार का समर्थन करने वाले पांच विधायकों के बारे में बताया गया था।

सूत्रों के मुताबिक, समिति ने कहा है कि उसने इस मुद्दे पर व्यापक चर्चा की और इस बैठक की तारीख से तीन साल की अवधि के लिए विधायक अमररीन लिंगदोह, पीटी सावकिमी, किम्फा मारबानियांग, मायरलबोर्न सिएम और मोहेंड्रो रापसांग को निलंबित करने का फैसला लिया। थॉमस को राज्य राजनीतिक मामलों की समिति और केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी की कार्यकारी समिति से हटाने का फैसला किया। सूत्रों ने कहा कि जाखड़ के मुद्दे पर चर्चा की गई और उन्हें पार्टी के सभी पदों से हटाने का फैसला लिया गया। 
विज्ञापन


थॉमस और जाखड़ के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश 
अनुशासनात्मक समिति ने मंगलवार को सुनील जाखड़ को पार्टी से दो साल के लिए और थॉमस को तीन समितियों से हटाने की सिफारिश की थी। हालांकि जाखड़ पर बाद में नरमी बरती गई। समिति ने दोनों पर विचार के बाद पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी को सौंपी रिपोर्ट में निलंबन की सिफारिश की थी।

दो सप्ताह पूर्व समिति ने केवी थॉमस और सुनील जाखड़ को नोटिस जारी कर अपने ऊपर लगे आरोपों पर एक सप्ताह में जवाब देने को कहा था। इस दौरान थॉमस ने समिति को अपना जवाब भेज दिया, लेकिन जाखड़ ने कोई जवाब नहीं दिया। पंजाब कांग्रेस प्रभारी हरीश चौधरी ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिखकर सुनील जाखड़ पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की थी। 

चौधरी ने कहा था कि जाखड़ के बयान से पार्टी को नुकसान हुआ। पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने भी राहुल गांधी से जाखड़ की शिकायत की थी। वहीं केरल कांग्रेस के अध्यक्ष के सुधाकरण ने भी सोनिया को पत्र लिखकर थॉमस पर कार्रवाई की मांग की थी। थॉमस पार्टी के मना करने के बावजूद कन्नूर में माकपा के कार्यक्रम में शामिल हुए थे।

सीपीएम के सम्मेलन में पहुंचे थे थॉमस 
केवी थॉमस को केरल में कांग्रेस के प्रमुख प्रतिद्वंद्वी सीपीएम द्वारा बुलाए गए एक सम्मेलन में भाग लेने के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था, जबकि पार्टी प्रमुख सोनिया गांधी ने राज्य के नेताओं को इस मामले पर राज्य इकाई लाइन के खिलाफ नहीं जाने का निर्देश दिया था। तिरुवनंतपुरम के सांसद शशि थरूर को भी भी 9 अप्रैल को इसी कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया था, लेकिन सोनिया की हिदायत के बाद वह इसमें शामिल नहीं हुए, लेकिन थॉमस आगे बढ़ गए।

वहीं, समिति ने सिफारिश की कि भाजपा का समर्थन करने वाले मेघालय के पांच विधायकों को दो साल के लिए निलंबित कर दिया जाए। पैनल की सिफारिशों पर अंतिम फैसला पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी करेंगी। पूर्व रक्षा मंत्री एके एंटनी की अध्यक्षता वाले पैनल ने गांधी को अपनी सिफारिशें भेजी हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें