कांग्रेस ने शनिवार को आरोप लगाया कि कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने दिवाली पर पत्रकारों को एक लाख रुपये नकद उपहार भेजकर उन्हें रिश्वत देने की कोशिश किया। पार्टी ने भ्रष्टाचार का मामला दर्ज करने के साथ-साथ उनके इस्तीफे की भी मांग की।
कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल ने भाजपा पर हमला करते हुए ट्वीट किया, "चुनाव से पहले- न खाऊंगा, न खाने दूंगा। चुनाव के बाद- 40 फीसदी कमीशन खाऊंगा, फिर दिवाली पर मिठाई के डिब्बों में कर्नाटक मीडिया को रिश्वत भिजवाऊंगा। पेसीएम और पेपीएम की भाजपा सरकार, पूरे देश में डबल इंजन का भ्रष्टाचार।"
कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) से पत्रकारों को मिठाई के डिब्बों में भेजी गई कथित रिश्वत की न्यायिक जांच की मांग की है। सीएमओ के सूत्रों के अनुसार, बोम्मई ने कहा है कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं है कि पत्रकारों को नकद (कैश) दिया गया।
वहीं, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, बोम्मई सरकार की खुलेआम रिश्वतखोरी हो रही है और इस बार आरोप खुद मुख्यमंत्री के दरवाजे पर हैं। सुरजेवाला ने कहा, बोम्मई सरकार ने खुले तौर पर षड़यंत्रकारी अंदाज में कर्नाटक के प्रत्येक को एक लाख रुपये नकद भेजकर पूरी पत्रकार बिरादरी को रिश्वत देने की कोशिश की। हमारे पत्रकार मित्रों को सलाम हैं, जिन्होंने इस रिश्वतखोरी का पर्दाफाश किया।
कांग्रेस का आरोप- भर्ती, पोस्टिंग में भी हुई रिश्वतखोरी
सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि यह पहली बार नहीं है जब 'चालीस फीसदी भ्रष्ट बोम्मई सरकार' ने ऐसा करने का प्रयास किया। सुरजेवाला ने आगे दावा किया कि कर्नाटक में भाजपा सरकार 'पेसीएम' अभियान के लिए बदनाम हो गई है। इस अभियान को कर्नाटक के लोगों ने शुरू किया है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राज्य की भाजपा सरकार के तहत भर्ती, पोस्टिंग और कॉन्ट्रैक्ट्स में रिश्वतखोरी हुई है।
सुरजेवाला ने पूछा, मुख्यमंत्री पत्रकारों को रिश्वत देने की कोशिश कर रहे हैं। पैसा कहां से आया है? क्या यह एक लाख रुपये सरकारी खजाने से निकाले गए थे और फिर दिवाली पर पत्रकारों को भेजे जाने वाले पैकेट में रखे गए थे या यह आपके निजी खाते से आया था। उन्होंने पूछा कि अगर मुख्यमंत्री रिश्वतखोरी में लिप्त हैं, तो राज्य की रक्षा कौन करेगा।