राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की ‘राजस्थान गौरव यात्रा’ को लेकर भाजपा व कांग्रेस के बीच चल रही तीखी बयानबाजी अब कोर्ट तक पहुंच गई है। यात्रा पर सरकारी मशीनरी और सरकारी पैसे का दुरुपयोग का हवाला देते हुए राजस्थान हाईकोर्ट में पीआईएल दाखिल हो गई है। मामले की सुनवाई 10 अगस्त को हो सकती है।
जानकारी के अनुसार अधिवक्ता विभूति भूषण शर्मा की ओर से राजस्थान गौरव यात्रा को लेकर जनहित याचिका लगाई गई है। याचिका में कहा गया है कि इस यात्रा में भाजपा का प्रचार किया जा रहा है। पार्टी की ओर से आयोजित इस यात्रा का खर्च सरकारी राजकोष से हो रहा है और यात्रा के दौरान प्रशासनिक अमले को भी झोंका जा रहा है। इस कारण आमजन के रोजमर्रा के काम प्रभावित हो रहे हैं। याचिका में मांग की गई है कि राजनीतिक पार्टी की इस गौरव यात्रा में हो रहे सरकारी खर्च को और काम में लिए जा रहे सरकारी अमले पर तुरंत रोक लगाई जाए।
राजे की यात्रा को लेकर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट और राष्ट्रीय महासचिव अशोक गहलोत लगातार आरोप लगा रहे हैं कि मुख्यमंत्री जनता के पैसे और सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग कर रही हैं। राजे की चार अगस्त को यात्रा शुरू होने से पहले उन्होंने जनता से भी अपील की है कि इस यात्रा का विरोध करें। भाजपा अपने बचाव में कांग्रेस के कार्यकाल में हुए भ्रष्टाचार एवं गरीब-किसान व आमजन के काम नहीं करने के आरोप लगा रही थी।