Indian Air Force chief Air Chief Marshal VR Chaudhari
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भारत के पास किसी भी तरह की सुरक्षा चुनौतियों का जवाब उचित स्तर पर देने की क्षमता और इच्छाशक्ति है। वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल वी आर चौधरी की ओर से यह टिप्पणी पूर्वी लद्दाख में सीमा विवाद और सीमा पार पाकिस्तान से आतंकवाद के बीच आई है। वायुसेना प्रमुख ने यह भी कहा कि बीते कुछ दशकों के संघर्षों ने स्पष्ट रूप से भविष्य के सभी परिचालन (ऑपरेशन) के लिए पसंद के साधन के रूप में एयरोस्पेस ताकत की श्रेष्ठता को स्थापित किया है।
एक टेलीविजन समाचार चैनल की ओर से आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एयर चीफ मार्शल चौधरी ने कहा कि भारतीय वायु सेना (आईएएफ) ने अपनी समग्र युद्धक क्षमताओं को बढ़ाने के लिए नई क्षमताओं को जोड़ने और आधुनिक तकनीक का उपयोग करने के लिए एक रोडमैप तैयार किया है। उन्होंने कहा कि भारत के पास क्षमता हैं और सबसे खास बात यह है कि हमारे पास इच्छाशक्ति है कि हम उस स्तर पर जवाब दे सकते हैं, जिसे हम उचित समझते हैं।
वायुसेना प्रमुख ने आगे कहा, वर्दी में हम पुरुष और महिलाएं उस प्रतिक्रिया के अग्रणी हैं। इसलिए यह जरूरी है कि हम उस धार को यथासंभव तेज और घातक रखें। एयर चीफ मार्शल चौधरी ने कहा कि वायुसेना के पास 'स्वतंत्र रणनीतिक अभियानों' के साथ-साथ राष्ट्रीय सुरक्षा तंत्र की अन्य सेवाओं और हथियारों के साथ समन्वित अभियान चलाने की अनूठी क्षमता है।
उन्होंने कहा, हम भविष्य के युद्धों में संयुक्त योजना और क्रियान्वयन की अनिवार्यता को समझते हैं और तीनों सेनाओं के प्रयासों को एकीकृत करने के इच्छुक हैं। वायुसेना प्रमुख ने कहा कि उनके बल ने हाल ही में अपने ऑपरेशनल डॉक्टरीन को अपडेट और संशोधित किया है, ताकि इसे अगले दशक के लिए प्रासंगिक बनाया जा सके। एयर चीफ मार्शल चौधरी ने कहा कि पिछले कुछ दशकों में संघर्षों ने स्पष्ट रूप से लगभग सभी आकस्मिक ऑपरेशंस के लिए पसंद के साधन के रूप में एयरोस्पेस शक्ति की श्रेष्ठता को स्पष्ट रूप से स्थापित किया है।
वायुसेना प्रमुख ने कहा कि अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी तक आसान पहुंच पारंपरिक बलों के लिए नई चुनौतियां भी पेश कर रही है। उन्होंने कहा कि अजरबैजान-आर्मेनिया संघर्ष में लड़ाकू विमानों के साथ ड्रोन का उपयोग और रूस-यूक्रेन के बीच जारी संघर्ष में सशस्त्र ड्रोन का व्यापक उपयोग भविष्य में आने वाली चीजों का संकेत है।