ईडी की पूछताछ के दौरान सामने आया था कि कुरैशी ने पूर्व निदेशक एपी सिंह और रंजीत सिन्हा के नाम पर सतीश सना से करोड़ों रुपये की उगाही की। यह उगाही उसके भाई सुरेश सना के मामले को निपटाने के लिये की गई थी। कुरैशी सतीश सना को लेकर रंजीत सिन्हा के आवास पर भी गया था।
सीबीआई ने इस आधार पर मोइन कुरैशी, आदित्य, प्रदीप कनेरू, एपी सिंह और अन्य अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज किया था। देवेंद्र इस केस की ईमानदारी से जांच कर रहे थे। देवेंद्र ने एजेंसी के वरिष्ठ अधिकारियों को इन सभी आरोपियों को गिरफ्तार करने का प्रस्ताव भी दिया था।
बचाव पक्ष ने कहा कि कुरैशी केस की जांच के दौरान विशेष निदेशक और एसआईटी प्रमुख राकेश अस्थाना को पता चला कि मौजूदा निदेशक आलोक वर्मा पर भी शक की सुई जा रही है। उन पर कार्रवाई के लिये अस्थाना ने केबिनेट सचिव को पत्र भी लिखा था। इसलिए केस की जांच लटकाने के लिए अस्थाना, देवेंद्र कुमार व अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।