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नोटबंदी: 125 करोड़ की जनता में से सिर्फ 0.036 % लोगों का मोदी को मिला समर्थन?

Fri, 25 Nov 2016 08:31 AM IST
राघवेंद्र मिश्र/अमर उजाला, नई दिल्ली
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नरेंद्र मोदी ऐप सर्वे
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नोटबंदी पर विपक्ष के सड़क से लेकर सदन तक हंगामे के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस पर जनता से राय मांगी थी। इसके लिए 'नरेंद्र मोदी ऐप' पर 10 सवाल पूछे गए थे, जिसका जवाब जनता सीधे ऐप डाउनलोड करके दे सकती है। 24 घंटे में इस सर्वे में 5 लाख लोग शामिल हुए, जिसके बाद प्रधानमंत्री ने खुद इस पूरे सर्वे की जानकारी ट्वीट करके दी। 
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सर्वे में 90 फीसदी से ज्यादा उत्तरदाताओं का मानना है कि प्रधानमंत्री का ये कदम ब्लैक मनी को रोकेगा। प्रधानमंत्री ने इसके लिए जनता को धन्यवाद भी दिया। उन्होंने कहा, 'लोगों के विचार और कमेंट्स को पढ़कर संतोष महसूस कर रहा हूं।' हालांकि, कांग्रेस, बसपा, सपा सहित विपक्ष ने इस सर्वे को गलत और भ्रमित करने वाला बताया।

नोटबंदी पर किए गए इस सर्वे पर कई तरह के सवाल उठते हैं। सोशल साइट्स पर लोगों का कहना है कि 125 करोड़ की आबादी में 5 लाख लोगों के सैंपल पर किस तरह यह साबित हो सकता है कि यह पूरे देश का फैसला है। लोग 90 फीसदी समर्थन की बात को गलत ठहरा रहे हैं।
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एक डाटा पर गौर करते हैं-

- देश की आबादी  125 करोड़ है।
- 5 लाख लोगों ने नरेंद्र मोदी ऐप पर सर्वे में भाग लिया।
- इस हिसाब से मोदी के सर्वे में वोट करने वाले एक यूजर की राय देश के तकरीबन 2600 लोगों का प्रतिधिनिधित्व करती है।

अब इसे दूसरे रूप में देखते हैं-

- देश की आबादी- 125 करोड़
- नमो ऐप में सैंपल के रूप में शामिल लोग- 5 लाख
- देश की कुल आबादी के 0.04 फीसदी लोग इस सर्वे में भाग लिए
- देश की कुल आबादी के मात्र 0.036 फीसदी लोग ही नोटबंदी पर मोदी के साथ रहे।

बताते चलें कि सर्वे में 24 घंटे में करीब 5 लाख लोगों ने हिस्सा लिया। इसमें 48 फीसदी लोगों का कहना है कि सरकार के नोटबंदी के फैसले से उन्हें किसी भी प्रकार की दिक्कत नहीं हुई। वहीं, 73 फीसदी लोग ने नोटबंदी के इस फैसले के लिए सरकार को 5 स्टार रेटिंग दी। हालांकि, इस दौरान सिर्फ दो फीसदी ऐसे लोग रहे, जिन्होंने इस फैसले को गलत ठहराया।
  I thank people for the historic participation in the survey. Its satisfying to read the insightful views & comments. https://t.co/xf14LEiQHT pic.twitter.com/cGSBPlCnE5 — Narendra Modi (@narendramodi) November 23, 2016



नोट: सर्वे में अलग-अलग दो हजार जगहों से लोगों ने जवाब दिए, जिसमें 93 फीसदी लोग भारत से थे। हम उन 93 फीसदी लोगों को देश की कुल आबादी से जोड़कर यह डाटा दे रहे हैं। 
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जनता से पूछे गए थे 10 सवाल, जानें कैसा रहा रिस्पॉन्स

नरेंद्र मोदी ऐप सर्वे
नरेंद्र मोदी ने जनता से सीधे तौर पर 10 सवाल पूछे थे।  हालांकि, कई लोगों ने सवाल और सवाल के जवाब के ऑप्शन पर भी कड़ी प्रतिक्रिया दी। उनका मानना था कि इसमें 'नो' का ऑप्शन ही नहीं दिया गया था।  

आइए एक नजर में देखते हैं कि 5 लाख लोगों की सैपलिंग में किस सवाल पर कितने फीसदी लोगों का समर्थन मिला...

- 5 लाख लोगों में 98 फीसदी लोगों ने जवाब दिया कि देश में कालाधन मौजूद है। 
- 99 फीसदी लोगों ने कहा कि भारत में कालाधन एक समस्या है और इससे लड़ने की जरूरत है।
- 5 लाख लोगों में 90 फीसदी लोगों ने कहा कि कालाधन से लड़ने के लिए सरकार की नोटबंदी कदम बेहतरीन है।
- भ्रष्टाचार के खिलाफ 5 लाख में 90 फीसदी लोग केंद्र सरकार के साथ दिखें।
- 500 और 1000 रुपए के नोट बैन पर सरकार को 90 फीसदी लोगों का समर्थन मिला।
- कालाधन, भ्रष्टाचार और आतंकवाद को रोकने में नोटबंदी से फायदा मिलेगा, इसमें 90 फीसदी लोगों ने समर्थन किया।
- 500-1000 रुपए के नोट बंद करने के सरकार के फैसले को 93 फीसदी लोगों ने पॉजिटिव सपोर्ट किया।
- नोटबंदी पर सरकार के खिलाफ 0.2 फीसदी लोग दिखे।
- नोटबंदी पर 73 फीसदी लोगों ने 5 स्टार दी। जबकि 90 फीसदी लोगों ने 4 स्टार दिया।
- 92 फीसदी लोगों ने मोदी सरकार के फैसले पर गुड और 57 फीसदी ने वेरी गुड रेटिंग दी।


 द क्विंट के मुताबिक, आईआईएम बैंगलोर में एसिस्टेंट प्रोफेसर प्रृथ्वीराज मुखर्जी ने कहा कि यह सर्वे गलत तरीके से डिजाइन किया गया था। इसमें पक्षपाती और बीमार सवाल पूछे गए थे। उन्हें विश्वास नहीं है कि नरेंद्र मोदी या नरेंद्र मोदी ऐप से जुड़ा कोई दूसरा मार्केंटिग रिसर्च में प्रशिक्षित है। यह एक प्रशिक्षु अपरिचित का काम लगता है, जो सर्व डिजाइन से ज्यादा फैमिलियर नहीं है।
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