ओडिशा में पहली से आठवीं तक की पुस्तकों में 1,678 गलतियां मिलीं। कहीं आइजैक न्यूटन को पायलट बना दिया गया तो कहीं हम्पी मंदिर को कोणार्क का सूर्य मंदिर बता दिया गया। मामला सामने आने के बाद सरकार की खूब किरकिरी हुई। आखिरकार मुख्यमंत्री ने चार वरिष्ठ अधिकारियों को निलंबित किया है।
ओडिशा की नई स्कूली किताबों ने बच्चों को पढ़ाने से पहले ही भ्रमित करना शुरू कर दिया। राज्य में बच्चों की शिक्षा से खिलवाड़ का हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। पहली कक्षा से लेकर आठवीं तक की नई किताबों में 1,678 गलतियां हैं। इनमें आइजैक न्यूटन को पायलट बताया गया है तो हम्पी मंदिर को कोणार्क के सूर्य मंदिर के रूप में प्रदर्शित किया गया है। यही नहीं दूसरे राज्यों की मशहूर और ऐतिहासिक इमारतों को ओडिशा का बताया गया है।
सीएम माझी ने चार अफसरों को किया निलंबित
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने जांच रिपोर्ट मिलने के बाद बाद पूरी प्रक्रिया से जुड़े रहे चार वरिष्ठ अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। सीएम ने यह कार्रवाई जांच कमेटी रिपोर्ट के आधार पर की। निलंबित अधिकारियों में स्कूल और जन शिक्षा विभाग में विशेष सचिव मनोज पाढ़ी के अलावा सहायक निदेशक स्तर के तीन अधिकारी प्रलिप्ता मिश्रा, दिलीप कुमार साहू और भारती टुडू शामिल हैं।
सरकार को झेलनी पड़ी आलोचना
स्कूली किताबों में 1,600 से अधिक गलत जानकारी होने की वजह से सरकार को काफी आलोचना झेलनी पड़ी। नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के साथ ही इन गलतियों ने शिक्षकों, अभिभावकों और आम लोगों में चिंता पैदा कर दी थी। ये किताबें शिक्षक शिक्षा निदेशालय और एससीईआरटी ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के तहत पाठ्यक्रम में बदलाव के हिस्से के तौर पर तैयार की थीं।