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India-Australia Ties: 'भारत की अखंडता से कोई समझौता नहीं', खालिस्तानी विवाद पर ऑस्ट्रेलिया ने दिया कड़ा संदेश

Sat, 02 May 2026 01:18 PM IST
Himanshu Singh Chandel न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

ऑस्ट्रेलियाई राजदूत फिलिप ग्रीन ने भारत को भरोसा दिया है कि उनका देश भारत की क्षेत्रीय अखंडता का पूरी तरह सम्मान करता है। उन्होंने साफ किया कि ऑस्ट्रेलिया में शांतिपूर्ण प्रदर्शन की इजाजत है, लेकिन किसी भी आपराधिक गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वहीं, हाल ही में 15 भारतीयों को ऑस्ट्रेलिया से डिपोर्ट किए जाने के मुद्दे पर राजदूत ने कई बाते कही।
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उच्चायुक्त फिलिप ग्रीन - फोटो : Social Media
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विस्तार
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ऑस्ट्रेलिया में खालिस्तानी गतिविधियों को लेकर भारत की चिंताओं पर ऑस्ट्रेलिया ने एक बड़ा और कड़ा बयान दिया है। भारत में ऑस्ट्रेलिया के उच्चायुक्त (राजदूत) फिलिप ग्रीन ने साफ कर दिया है कि उनका देश भारत की क्षेत्रीय अखंडता का पूरा सम्मान करता है। उन्होंने अलगाववादी ताकतों को कड़ा संदेश देते हुए कहा है कि लोकतांत्रिक देश होने के नाते वहां शांतिपूर्ण प्रदर्शन तो हो सकते हैं, लेकिन अपराध के लिए कोई जगह नहीं है। इस बयान के बाद अब यह सवाल उठ रहा है कि क्या ऑस्ट्रेलिया में खालिस्तानियों की मनमानी अब नहीं चलेगी?
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ऑस्ट्रेलियाई राजदूत ने एक मीडिया संस्थान से बातचीत के दौरान कई अहम मुद्दों पर अपनी बात विस्तार से रखी है। उन्होंने बताया कि ऑस्ट्रेलिया की पुलिस और खुफिया एजेंसियां भारत की चिंताओं को बहुत गंभीरता से ले रही हैं। राजदूत फिलिप ग्रीन ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया भारत की चिंताओं पर पूरा ध्यान दे रहा है और उन्हें हल्के में नहीं ले रहा है। उनकी बहुसांस्कृतिक, खुफिया, पुलिस और विदेश नीति से जुड़ी एजेंसियां इस मुद्दे पर लगातार आपस में बैठकें कर रही हैं। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि वे भारत की क्षेत्रीय अखंडता में विश्वास करते हैं और अलगाववादी तत्वों से उनका कोई भी लेना-देना नहीं है।

ऑस्ट्रेलिया में शांतिपूर्ण प्रदर्शन को लेकर क्या हैं नियम?
 
  • राजदूत ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया एक लोकतांत्रिक देश है, इसलिए वहां लोगों को शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने का पूरा अधिकार दिया गया है।
  • लोग कानून के दायरे में रहकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर सकते हैं और इसकी अनुमति देश में हमेशा बनी रहेगी।
  • हालांकि, उन्होंने सख्त लहजे में चेतावनी दी कि प्रदर्शन की आड़ में किसी भी तरह की आपराधिक गतिविधि को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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सिडनी में खालिस्तानी जनमत संग्रह से क्या हुआ था विवाद?
  • एबीसी न्यूज की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 10 जून 2023 को ऑस्ट्रेलिया में सिख और हिंदू समुदायों के बीच अचानक तनाव काफी बढ़ गया था।
  • इसका मुख्य कारण सिडनी के पश्चिमी उपनगर मिंचिनबरी में एक निर्माण स्थल पर हुआ 'जनमत संग्रह' था।
  • यह कार्यक्रम भारत के पंजाब क्षेत्र में 'खालिस्तान' नाम के एक नए राज्य की स्थापना के समर्थन में आयोजित किया गया था, जिसका वहां जमकर विरोध हुआ था।

भारतीयों को ऑस्ट्रेलिया से डिपोर्ट क्यों किया जा रहा है?
हाल ही में कुछ भारतीयों को ऑस्ट्रेलिया से डिपोर्ट (देश से बाहर निकालना) किया गया है, जिस पर ग्रीन ने अपनी सफाई पेश की है। उन्होंने कहा कि ये मामले बहुत कम हैं, क्योंकि पिछले साल ही 4,50,000 भारतीय पर्यटक और 50,000 छात्र ऑस्ट्रेलिया गए थे। राजदूत ने साफ किया कि उनका वीजा सिस्टम ऐसा है कि वीजा अवधि खत्म होने के बाद लोगों को ऑस्ट्रेलिया छोड़ना ही पड़ता है और सरकार हमेशा इस नियम का कड़ाई से पालन करेगी। 

पंजाब सरकार ने डिपोर्ट किए गए युवाओं पर क्या जानकारी दी?
30 अप्रैल को पंजाब सरकार के एक प्रतिनिधिमंडल ने दिल्ली हवाई अड्डे पर ऑस्ट्रेलिया से डिपोर्ट किए गए भारतीय नागरिकों को रिसीव किया। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के अनुसार, कुल 15 भारतीयों को ऑस्ट्रेलिया से डिपोर्ट करके वापस भेजा गया है। डिपोर्ट किए गए इन 15 लोगों में से 11 लोग पंजाब के रहने वाले थे, जिनमें 10 लड़के और एक महिला शामिल हैं।
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