तमिलनाडु की राजनीति में विधानसभा चुनाव के नतीजों से पहले बयानबाजी तेज हो गई है। तमिलागा वेट्री कड़गम (टीवीके) के कार्यकारी समिति के मुख्य समन्वयक केए सेंगोट्टैयन ने शनिवार को दावा किया कि उनकी पार्टी राज्य की 234 में से कम से कम 180 सीटों पर जीत हासिल करेगी।
टीवेक के जीत को लेकर क्या बोले?
गोबिचेट्टीपालयम में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में सेनगोट्टैयन ने कहा कि टीवीके न केवल बहुमत हासिल करेगी बल्कि 180 से 200 सीटों का लक्ष्य लेकर चल रही है। उन्होंने कहा कि पार्टी और उसके नेता को जनता से जबरदस्त समर्थन मिल रहा है, जिसका उन्हें हाल के दिनों में व्यक्तिगत अनुभव भी हुआ। उन्होंने कहा कि मॉल और यात्रा के दौरान लोगों का उत्साह और समर्थन अभूतपूर्व था।
टीवीके प्रमुख विजय को लेकर उन्होंने कहा कि वह दूरदर्शी सोच के साथ तमिलनाडु का नेतृत्व करेंगे और 2026 का चुनाव ऐतिहासिक जीत लेकर आएगा। उन्होंने यह भी जोड़ा कि विजय ने कई चुनौतियों और विरोध के बावजूद अपनी राजनीतिक यात्रा जारी रखी है और जनता इसका जवाब 4 मई को देगी।
इस दौरान उन्होंने नैनार नागेन्द्रन पर निशाना साधते हुए कहा कि यह उनका आखिरी चुनाव साबित हो सकता है और आगे उनकी पार्टी में भूमिका को लेकर फैसला ऊपरी नेतृत्व करेगा।
किसी सहयोगी की जरूरत नहीं
पोस्ट-पोल गठबंधन के सवाल पर सेंगोट्टैयन ने स्पष्ट किया कि ऐसी कोई स्थिति नहीं आएगी जहां टीवीके को बहुमत के लिए किसी सहयोगी की जरूरत पड़े। उन्होंने कहा कि पार्टी अपने दम पर सरकार बनाएगी।
गौरतलब है कि 23 अप्रैल को तमिलनाडु की सभी 234 सीटों पर मतदान हुआ था, जिसमें टीवीके ने सत्तारूढ़ डीएमके और विपक्षी गठबंधन, जिसमें एआईएडीएमके और भाजपा शामिल हैं, को सीधी चुनौती दी।
हालांकि, अधिकांश एग्जिट पोल टीवीके के दावों से अलग तस्वीर पेश कर रहे हैं। कई सर्वेक्षणों में डीएमके के नेतृत्व वाला गठबंधन फिर से सत्ता में लौटता दिख रहा है और टीवीके को अपने पहले चुनाव में सीमित सफलता मिलने का अनुमान है। पीपुल्स पल्स ने टीवीके को दो से छह सीटें दी हैं, जबकि मैट्रिज़ के अनुसार यह आंकड़ा 0 से 6 सीटों के बीच रह सकता है।
वहीं, एक्सीस माई इंडिया के एग्जिट पोल ने अलग तस्वीर पेश करते हुए टीवीके को 98 से 120 सीटें मिलने का अनुमान जताया है। इस सर्वे के मुताबिक डीएमके गठबंधन को 92 से 100 सीटें और एआईएडीएमके के नेतृत्व वाले पांच-पार्टी गठबंधन को 22 से 32 सीटें मिल सकती हैं। अब सभी की नजरें 4 मई को होने वाली मतगणना पर टिकी हैं, जब यह साफ हो जाएगा कि टीवीके के दावे हकीकत में बदलते हैं या एग्जिट पोल के अनुमान सही साबित होते हैं।