राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि मीडिया से उम्मीद की जाती है कि वे अपने विज्ञापनों, समाचारों और कार्यक्रमों में महिलाओं की गरिमा और सुरक्षा के प्रति पूरी संवेदनशीलता रखेंगे।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने रविवार को कहा कि उम्मीद है कि मीडिया अपने विज्ञापनों, समाचारों और कार्यक्रमों में महिलाओं की गरिमा और सुरक्षा के प्रति पूरी संवेदनशीलता रखेगा। 'ऑल वुमन बाइक रैली' को हरी झंडी दिखाते हुए एक वीडियो संदेश में राष्ट्रपति ने कहा कि संविधान के अनुसार, भारत के प्रत्येक नागरिक का यह कर्तव्य है कि वह ऐसी प्रथाओं को छोड़ दे जो महिलाओं की गरिमा के खिलाफ हैं।
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परिवार में ही रखी जा सकती है महिलाओं के प्रति सम्मानजनक आचरण की नींव
मुर्मू ने कहा कि इस मौलिक कर्तव्य को निभाने के लिए यह आवश्यक है कि प्रत्येक नागरिक की सोच महिलाओं के प्रति सम्मानजनक होनी चाहिए। महिलाओं के प्रति सम्मानजनक आचरण की नींव परिवार में ही रखी जा सकती है। राष्ट्रपति ने कहा, माताओं और बहनों को अपने बेटों और भाइयों में महिलाओं को सम्मान देने के मूल्यों को विकसित करना चाहिए। उन्होंने शिक्षकों को छात्रों के बीच महिलाओं के प्रति सम्मान और संवेदनशीलता की संस्कृति को मजबूत करने के लिए भी कहा।
चुनौतियों के बावजूद महिलाओं ने स्थापित किए सफलता के नए कीर्तिमान
राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी एक बयान में कहा गया कि उन्होंने यह भी कहा कि मीडिया से उम्मीद की जाती है कि वे अपने विज्ञापनों, समाचारों और कार्यक्रमों में महिलाओं की गरिमा और सुरक्षा के प्रति पूरी संवेदनशीलता रखेंगे। मुर्मू ने कहा कि प्रकृति ने महिलाओं को मां बनने की क्षमता दी है और जिसके पास मातृत्व की क्षमता है, उसमें नेतृत्व की क्षमता स्वाभाविक रूप से मौजूद है। उन्होंने कहा कि तमाम सीमाओं और चुनौतियों के बावजूद महिलाओं ने अपने अदम्य साहस और कौशल के बल पर सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं।