बच्चों के यौन उत्पीड़न के मामले में अब कभी भी शिकायत की जा सकेगी। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की सिफारिश पर कानून मंत्रालय ने साफ किया कि पॉक्सो एक्ट 2012 के तहत शिकायत करने की समय सीमा नहीं है। कानून की धारा 19 में भी ऐसा कोई प्रावधान नहीं है।
मंत्री मेनका गांधी ने कहा है कि ऐसी शिकायत पॉक्सो ई बॉक्स में भी की जा सकती है। अक्सर देखने में आता है कि ऐसे ज्यादातर मामलों में उत्पीड़न करने वाले परिवार के सदस्य या नजदीकी रिश्तेदार होते हैं। ऐसे में पीड़ित लंबे समय तक इस दंश को झेलते हैं।
कई मामलों में तो बड़ी उम्र का होने के बाद इसका खुलासा होता है। बच्चों के न्यायिक अधिकारों की रक्षा लिए इस कानून को लागू किया गया था। पॉक्सो कानून 18 साल व इससे कम उम्र के सभी बच्चों को यौन अपराधों, पोर्नोग्राफी जैसे कृत्यों के मामले में रक्षा प्रदान करता है।