भारत के मुख्य न्यायाधीश और सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम के प्रतिरोध के बावजूद सरकार ने सुप्रीम कोर्ट और देश के सभी 24 हाईकोर्ट में न्यायाधीशों के खिलाफ शिकायतों से निपटने के लिए एक तंत्र स्थापित करने का प्रस्ताव किया है।
न्यायाधीशों की नियुक्ति के लिए सरकार ने एक अलग से सचिवालय के गठन का भी प्रस्ताव रखा है। सचिवालय को न्यायपालिका के खिलाफ शिकायतों का मूल्यांकन और कार्रवाई करने की सिफारिश का काम सौंपा जाएगा। सेवानिवृत्त न्यायाधीश भी इसके दायरे में आएंगे।
यह हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में नियुक्ति के लिए उम्मीदवार जजों की जांच भी करेगा। मुख्य न्यायाधीश और सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ऐसी किसी भी व्यवस्था बनाए जाने के खिलाफ हैं। सुप्रीम कोर्ट का मानना है कि यह उसकी स्वतंत्रता पर अतिक्रमण करने जैसा होगा।