इटली ने उसके नौसैनिकों द्वारा मारे गए दो भारतीय मछुआरों के परिवारों को बतौर मुआवजे के रूप में 10 करोड़ रुपये भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इन मछुआरों को फरवरी 2012 में केरल के समुद्र तट के पास इटली के नौसैनिकों ने मार दिया था।
केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के प्रधान न्यायाधीश एस ए बोबड़े, न्यायमूर्ति ए एस बोपन्ना और न्यायमूर्ति वी रामसुब्रमण्यम की तीन सदस्यीय पीठ को बताया कि जैसे ही पैसा मिलता है सरकार उसे नौ अप्रैल के निर्देशानुसार शीर्ष अदालत में जमा करेगी। केंद्र की ओर से वकील रजत नायर ने पीठ से कहा कि हम पैसे मिलने का इंतजार कर रहे हैं।
मामला बंद करने की अर्जी पर सुनवाई
पीठ दोनों इतालवी नौसैनिक- सल्वातोरे गिरोने और मासिमिलानो लातोरे के खिलाफ मामले को बंद करने के केंद्र के आवेदन पर सुनवाई कर रही थी। इस मामले की सुनवाई शुरू होते ही पीठ ने पूछा कि क्या धनराशि जमा हो गई है?
हम जानते हैं, आप कितनी तेजी से काम करते हैं...
इस पर केन्द्र की ओर से रजत नायर ने पीठ को बताया कि इटली ने पैसे भेजना शुरू कर दिया है। पीठ ने कहा कि केंद्र के वकील ने पहले जल्द सुनवाई पर जोर दिया था और पिछली तारीख पर कहा था कि पैसा तीन दिन में जमा हो जाएगा। पीठ ने कहा, 'हम जानते हैं कि आप कितनी तेजी से काम करते हैं।' नायर ने पीठ से कहा कि जैसे ही पैसा मिलता है, उसे शीर्ष अदालत में जमा कराया जाएगा।
न्यायालय देगा मुआवजा राशि
शीर्ष अदालत ने नौ अप्रैल को केंद्र सरकार को निर्देश दिया था कि इटली द्वारा दोनों भारतीय मछुआरों के परिवारों के लिए दिए जाने वाले 10 करोड़ रुपये उसके खाते में जमा किये जाएं और न्यायालय खुद मुआवजा राशि देगा।