फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स

आधार कार्ड के लिए दबाव बनाने पर 1 करोड़ रुपये जुर्माना और 10 साल की होगी जेल

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Shilpa Thakur Updated Wed, 19 Dec 2018 11:37 AM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर

आधार कार्ड की अनिवार्यता को लेकर केंद्र सरकार ने एक अहम फैसला लिया है। अब अगर बैंक में खाता खुलवाते वक्त या फिर सिम कार्ड खरीदते वक्त कोई आधार कार्ड की मांग करे और ग्राहक आधार कार्ड नहीं देना चाहता हो तो वह इसके खिलाफ शिकायत कर सकता है। आधार कार्ड के लिए दबाव बनाने वालों को एक करोड़ रुपये का जुर्माना भरना पड़ सकता है। ऐसा करने वाली कंपनी के कर्मियों को 3 साल से लेकर 10 साल तक की जेल भी हो सकती है। 



केंद्र सरकार ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट और भारत टेलिग्राफ एक्ट में संशोधन कर इस नियम को तैयार किया है। केंद्रीय कैबिनेट की बैठक ने सोमवार को इसे मंजूरी दी है। इन सुधारों के बाद अब लोगों के पास कई विकल्प होंगे। वह पहचान के लिए आधार कार्ड के स्थान पर पासपोर्ट, राशन कार्ड या फिर कोई अन्य दस्तावेज भी दिखा सकते हैं। किसी भी संस्था को आधार कार्ड के लिए दबाव डालने का अधिकार नहीं है। 


सूत्रों का कहना है कि सरकार ने ये फैसला सुप्रीम कोर्ट के हाल ही में आए आदेश के बाद लिया है। जिसमें कोर्ट ने कहा था कि यूनिक आईडी का इस्तेमाल केवल सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के लिए ही किया जाए।


डाटा लीक होने पर देना होगा 50 लाख जुर्माना


सरकार द्वारा किए गए संशोधन के अनुसार ऑथेंटिकेशन करने वाली संस्था अगर डाटा लीक के लिए जिम्मेदार पाई जाती है तो उसे 50 लाख रुपये तक का जुर्माना भरना पड़ सकता है और 10 साल तक की जेल भी हो सकती है। फिलहाल इन संशोधनों को अभी संसद की मंजूरी मिलना बाकी है। साथ ही राष्ट्र हित के लिए ऐसी जानकारियां दी जा सकती हैं।

और पढ़ें...
विज्ञापन
विज्ञापन
Next