बड़ी गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) के साथ बेहतर तालमेल के तहत रिजर्व बैंक ने संपत्ति के लिए कर्ज देने वाली कंपनियों (एएफसी), कर्जदाता कंपनियों और निवेश कार्य करने वाली कंपनियों को एक ही खंड में रखने का फैसला किया है। एनबीएफसी के मामले में बेहतर तालमेल के लिए इस महीने के आखिर तक दिशा-निर्देश जारी कर दिए जाएंगे। इसके अलावा किसी खास क्षेत्र में निवेश करने वाली निवेश कंपनियों (सीआईसी) को छोड़कर सभी एनबीएफसी को बैंकों द्वारा दिये गए ऋण के जोखिम का आकलन किया जाएगा, जो मान्यता प्राप्त एजेंसी की रेटिंग पर आधारित होगा।
सभी क्षेत्रों में बढ़ाएंगे तरलता
आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि हम लगातार तरलता की स्थिति पर निगाह बनाए हुए हैं और किसी भी क्षेत्र में नकदी की कमी नहीं आने देंगे। चालू वित्त वर्ष में खुला बाजार संचालन के तहत 2.36 लाख करोड़ रुपये डाले जाएंगे।