देश के कई शहरों में टमाटर 80 से 100 रुपये प्रति किलोग्राम और प्याज 70 से 80 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गया है। भिंडी, पालक, हरी मिर्च, लौकी के दाम भी आम लोगों की पहुंच से बाहर हो गए हैं।
त्योहारी सीजन सब्जियों के दाम बढ़ते जा रहे है। प्याज के बाद टमाटर के दाम भी आसमान छू रहे है। ऐसे में अब सरकार ने टमाटर को सस्ते दामों पर बेचने का फैसला लिया है। राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता महासंघ और सफल के आउटलेट्स के जरिए दिल्ली और आसपास के शहरों में 65 रुपये प्रति किलो की दर से टमाटर बेचे जाने की तैयारी कर रही है।
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उपभोक्ता मामलों विभाग से जुड़े लोगों का कहना है कि सब्जी मंडी में थोक और खुदरा कीमतों में बड़ा अंतर देखा जा रहा है। कई व्यापारी बढ़ती मांग को देखते हुए ज्यादा रेट में टमाटर बेच रहे हैं। सरकार ने आम आदमी को राहत देने के लिए ये कदम उठाने जा रही है। इसलिए राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता महासंघ थोक बाजारों से टमाटर खरीदकर उचित दरों पर बेच रहा है, ताकि बिचौलियों की मुनाफाखोरी पर लगाम लगाई जा सके और उपभोक्ताओं को राहत मिल सके। आम लोगों को राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता महासंघ और सफल के आउलेट्स से सस्ते टमाटर बेचे जाएंगे।
80 रुपए तक पहुंचे टमाटर के रेट
देश के कई शहरों में टमाटर 80 से 100 रुपये प्रति किलोग्राम और प्याज 70 से 80 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गया है। भिंडी, पालक, हरी मिर्च, लौकी के दाम भी आम लोगों की पहुंच से बाहर हो गए हैं। इस समय, प्रमुख शहरों में खुदरा टमाटर की कीमतें 80-90 रुपये प्रति किलो तक पहुंच चुकी हैं, जबकि तीन से चार हफ्ते पहले यह 40-50 रुपये प्रति किलो थी। इस उछाल की वजह कर्नाटक और महाराष्ट्र जैसे प्रमुख उत्पादक राज्यों में बारिश से आपूर्ति में आई रुकावट बताई जा रही है।