नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय तथा कौशल एवं उद्यमिता मंत्री की जिम्मेदारी संभाल रहे सिंह ने कुछ दिन पहले प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए इसे महत्वपूर्ण कदम बताया था। उन्होंने कहा था, ‘इससे देश में सौर/पवन ऊर्जा परियोजनाओं का क्रियान्वयन सुचारु रूप से हो सकेगा।’ मंत्रालय ने इससे पहले कहा था कि इस प्रणाली में वे सभी परियोजनाएं शामिल होंगी जिनका क्रियान्वयन एसईसीआई और एनटीपीसी के जरिये होगा।
सौर और पवन ऊर्जा उद्योग लंबे समय से इस प्रकार की विवाद निपटान प्रणाली स्थापित करने की मांग करता रहा है। अनुबंध से जुड़े समझौतों के क्रियान्वयन के दौरान सौर/पवन ऊर्जा परियोजनाएं विकसित करने वाली कंपनियों और एसईसीआई/एनटीपीसी के बीच अप्रत्याशित विवादों और मसलों के समाधान के लिये एक पारदर्शी, निष्पक्ष विवाद समाधान प्रणाली की जरूरत महसूस की जा रही थी।