कृषि सचिव संजय अग्रवाल ने सोमवार को कहा कहा कि न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) और किसानों के अन्य मुद्दों को लेकर एक समिति का गठन आने वाले समय में बहुत जल्द किया जाएगा। उन्होंने बताया कि यह समिति 'शून्य बजट वाली प्राकृतिक कृषि' को भी प्रोत्साहित करेगी।
अग्रवाल ने कहा, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसे लेकर घोषणा कर चुके हैं। एमएसपी को और शून्य बजट वाली प्राकृतिक कृषि को मिशन मोड पर लिया जाना चाहिए। आने वाले समय में बहुत जल्दी इसका (समिति का) गठन किया जाएगा।' यह बातें उन्होंने एक प्रेस वार्ता के दौरान कहीं।
वह 14 दिसंबर से गुजरात के आणंद में होने वाले तीन दिवसीय राष्ट्रीय कार्यक्रम के बारे में जानकारी दे रहे थे। इस कार्यक्रम में प्राकृतिक कृषि पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। इस कार्यक्रम के अंतिम दिन 16 दिसंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इसे वर्चुअल माध्यम से संबोधित करेंगे।
समिति की रूपरेखा अभी तय नहीं की गई
इस सवाल पर कि इस समिति में क्या इस राष्ट्रीय कार्यक्रम के निष्कर्षों पर चर्चा की जाएगी और प्राकृतिक कृषि के कौन से पक्ष होंगे,अग्रवाल ने कहा कि अभी समिति की रूपरेखा तय नहीं की गई है। प्रेस वार्ता में गुजरात के मुख्य सचिव पंकज कुमार भी वर्चुअल माध्यम से मौजूद रहे।
पीएम ने किया था कानून वापसी का एलान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 19 नवंबर को तीनों विवादित कृषि कानूनों को वापस लेने का एलान किया था और कहा था कि सरकार एमएसपी को और प्रभावी व पारदर्शी बनाने के लिए एक समिति का गठन करेगी। इन तीनों कृषि कानूनों के खिलाफ किसान एक साल से आंदोलन कर रहे थे।
11 दिसंबर को खत्म हुआ किसान आंदोलन
इन कानूनों को 29 नवंबर को एक विधेयक पेश कर वापस ले लिया गया था। लेकिन, किसान अपनी अन्य मांगों को लेकर प्रदर्शन समाप्त करने को तैयार नहीं थे। आखिरकार 11 दिसंबर को सरकार से आश्वासन पत्र मिलने के बाद इन किसानों ने आंदोलन समाप्त करने की घोषणा की थी।