पूर्वी सेना के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल एमएम नरावने ने शुक्रवार को कहा कि विवादित वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के मुद्दे के समाधान पर चीन से बातचीत सही दिशा में बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि हर चरण की वार्ता के बाद दोनों देशों के बीच मतभेद कम होते जा रहे हैं। हालांकि पूर्वी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ ने यह भी कहा कि इस वक्त मुद्दे के हल के लिए समय सीमा तय करना मुश्किल होगा।
उन्होंने कहा, 'विवादित वास्तविक नियंत्रण रेखा के मुद्दे पर हर चरण की वार्ता के साथ मतभेद कम होते गए। उम्मीद है कि हमारे हित एक बिंदु पर पहुंचेंगे और हम औपचारिक तौर पर एक समझौते पर हस्ताक्षर कर पाएंगे।' सेना के उपप्रमुख नियुक्त किए गए नरावने ने कहा कि हम बातचीत के 23वें या 24वें चरण में हैं। इसमें समय-सीमा तय करना मुश्किल होगा। जितनी जल्द मुद्दा सुलझ जाएगा उतनी जल्दी ये दो बड़े एशियाई पड़ोसी इन बाधाओं से आगे निकलकर प्रगति की राह पर बढ़ पाएंगे।'
पाकिस्तान के खिलाफ कारगिल युद्ध में मिली विजय की 20वीं वर्षगांठ पर उन्होंने कहा, 'पश्चिम के हमारे पड़ोसी के साथ ही उत्तर के हमारे पड़ोसी के साथ अगर शांति बनी रहती है तो दोनों पक्षों के लोग उज्ज्वल भविष्य की कामना कर सकेंगे।' बता दें कि चीन के साथ लगने वाली वास्तविक नियंत्रण रेखा जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश से होकर गुजरती है।