सुप्रीम कोर्ट कोलेजियम ने तीन हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस तथा एक वरिष्ठ अधिवक्ता को उच्चतम न्यायालय में भेजने की सिफारिश की है। इनमें इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ भी शामिल हैं। सुप्रीम कोर्ट द्वारा राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग अधिनियम को खारिज करने के बाद कोलेजियम की तरफ से यह पहली अनुशंसा आई है। कोलेजियम ने ये सिफारिश कानून मंत्रालय को भेज दी है।
भारत के चीफ जस्टिस टीएस ठाकुर की अध्यक्षता वाली कोलेजियम ने जस्टिस चंद्रचूड़ के अलावा मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के जस्टिस एएम खानविल्कर और केरल हाईकोर्ट के जस्टिस अशोक भूषण को सुप्रीम कोर्ट भेजने की सिफारिश की है। वरिष्ठ अधिवक्ता और पूर्व एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एल नागेश्वर राव को शीर्ष अदालत का जज बनाने की भी सिफारिश है। कोलेजियम ने कहा है कि आंध्र प्रदेश/तेलंगाना के कार्यकारी चीफ जस्टिस डीबी भोंसले को जस्टिस चंद्रचूड़ की जगह इलाहाबाद हाईकोर्ट की जिम्मेदारी दी जा सकती है।
सुप्रीम कोर्ट में जजों की कमी को देखते हुए ये अनुशंसाएं बेहद महत्वपूर्ण हैं। देश की शीर्ष अदालत में जजों के 31 पद स्वीकृत हैं लेकिन फिलहाल केवल 25 जज काम कर रहे हैं। इनमें भी जस्टिस ठाकुर अगले साल तीन जनवरी को रिटायर होने वाले हैं। इसके अलावा शीर्ष अदालत के पांच और जज इस साल ही सेवानिवृत्त हो जाएंगे।
इनके नाम की सिफारिश
इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के जस्टिस एएम खानविल्कर, केरल हाईकोर्ट के जस्टिस अशोक भूषण तथा वरिष्ठ अधिवक्ता और पूर्व एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एल नागेश्वर राव।
सुप्रीम कोर्ट के जो जज होने वाले हैं रिटायर
जस्टिस एफएमआई कलीफुल्ला : 22 जुलाई, 2016
जस्टिस सी नगप्पन : 03 अक्तूबर, 2016
जस्टिस वी गोपाल गौड़ा : 05 अक्तूबर, 2016
जस्टिस शिव कीर्ति सिंह : 12 नवंबर, 2016
जस्टिस एआर दवे : 18 नवंबर, 2016
चीफ जस्टिस टीएस ठाकुर : 03 जनवरी, 2017
उत्तराखंड के मुख्य न्यायाधीश को भेजा जा रहा आंध्र प्रदेश
सूत्रों के मुताबिक उत्तराखंड हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश केएम जोसफ को आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट का चीफ जस्टिस बनाया जा रहा है। उत्तराखंड में लगे राष्ट्रपति शासन को निरस्त करने और रावत सरकार को फिर से बहाल करने के आदेश के बाद जस्टिस जोसफ पिछले दिनों बेहद चर्चा में रहे थे।