सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने कुछ श्रेणियों के वकीलों को हाईकोर्ट जज बनने के लिए 7 लाख की न्यूनतम आय की शर्त में ढील दी है। यह सुविधा अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और ओबीसी श्रेणी के अलावा सरकारी पैनल पर काम करने वाले वकीलों को मिलेगी।
चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली कॉलेजियम ने 12 फरवरी को यह निर्णय लिया है। कॉलेजियम ने वकील पी वी कुनीकृष्णन को केरल हाईकोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त करने की फिर से सिफारिश की है। इसके अलावा कॉलेजियम ने 10 वकीलों विपिन चंद्र दीक्षित, रामानंद पांडे, शेखर कुमार यादव, रवि नाथ तिलहरी, दीपक वर्मा, गौतम चौधरी, मनीष कुमार, विवेक रतन अग्रवाल, समित गोपाल और आलोक कुमार यादव को इलाहाबाद हाईकोर्ट का जज नियुक्त करने की अनुशंसा की है। इनकी कुल पेशेवर आमदनी निर्धारित सात लाख से भी कम है।
फैसले में कहा गया है कि कॉलेजियम ने पाया कि कुछ श्रेणियों में न्यूनतम आमदनी की शर्त में छूट देना उचित है। इनमें जिन लोगों की अनुशंसा की गई है उनमें कुछ एस/एसटी, ओबीसी या सरकारी पैनल में हैं। कॉलेजियम ने न्यायिक अधिकारी अली जमीन को भी इलाहाबाद हाईकोर्ट का जज नियुक्त करने की सिफारिश की है।