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Odisha College Student’s Death: कॉलेज के ICC ने की थी आरोपी शिक्षक को पद से हटाने की शिकायत, जानें क्या थी वजह

Tue, 15 Jul 2025 10:42 PM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भुवनेश्वर

सार

ओडिशा के बालासोर में फकीर मोहन कॉलेज की छात्रा की मौत के बाद कॉलेज की आंतरिक शिकायत समिति ने कहा है उन्होंने आरोपी शिक्षक एक मामले में पद से हटाने की शिकायत की थी। वहीं समिति की कोऑर्डिनेटर जयश्री मिश्रा ने कहा, 'हम छात्रा की मौत से बेहद आहत हैं। वह कॉलेज की एक होनहार छात्रा थी।'
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आत्मदाह के बाद मृत छात्रा का शव घर लाया गया - फोटो : ANI
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विस्तार
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ओडिशा के फकीर मोहन (स्वायत्त) कॉलेज की एक छात्रा की आत्मदाह कर मौत के मामले में नया मोड़ आया है। कॉलेज की आंतरिक शिकायत समिति (आईसीसी) की कोऑर्डिनेटर जयश्री मिश्रा ने मंगलवार को बताया कि समिति ने आरोपी शिक्षक समीर कुमार साहू को इंटिग्रेटेड बीएड विभागाध्यक्ष के पद से हटाने की सिफारिश की थी, लेकिन इसका कारण उनका सख्त रवैया था, न कि यौन उत्पीड़न। उन्होंने कहा- इस मामले में हमारे पास यौन उत्पीड़न के पक्के सबूत नहीं थे, इसीलिए हम उस आधार पर सिफारिश नहीं कर पाए।
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क्या है मामला?
20 वर्षीय छात्रा, जो इंटिग्रेटेड बीएड की द्वितीय वर्ष की छात्रा थी, ने 1 जुलाई को शिक्षक समीर कुमार साहू पर मानसिक और यौन उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए कॉलेज की आंतरिक शिकायत समिति में शिकायत दर्ज कराई थी। उसने आरोप लगाया था कि समीर साहू ने उससे फेवर मांगा था और जब उसने मना किया, तो उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया।

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छात्रा के साथ क्या हुआ था?
छात्रा को 30 जून को सेमेस्टर परीक्षा देने की अनुमति नहीं दी गई थी। इस घटना से वह बेहद आहत हुई थी। अगले दिन उसने आंतरिक शिकायत समिति में यौन और मानसिक उत्पीड़न की शिकायत दी। 12 जुलाई को कॉलेज परिसर में ही उसने खुद को आग लगा ली। गंभीर रूप से झुलसी छात्रा की मौत सोमवार रात एम्स भुवनेश्वर में हो गई।

आंतरिक शिकायत समिति ने क्या कहा?
जयश्री मिश्रा ने बताया कि समिति ने 3 जुलाई से जांच शुरू की और 9 जुलाई को रिपोर्ट कॉलेज प्रिंसिपल को सौंप दी थी। जांच में 60 छात्रों से बातचीत की गई, जिनमें से अधिकतर ने समीर साहू को बहुत सख्त बताया। एक अन्य सदस्य मिनती सेठी ने बताया कि समीर साहू छात्रों को छोटी-छोटी बातों पर कक्षा से बाहर खड़ा कर देते थे। शिकायतकर्ता को भी एक बार 45 मिनट तक बाहर खड़ा किया गया था, जिससे वह मानसिक रूप से टूट गई थी। मिनती सेठी ने कहा, 'छात्रा ने बयान दिया था कि समीर साहू ने उसे एक बार कहा, 'तुम बच्ची नहीं हो, समझ सकती हो कि मैं कैसा फेवर मांग रहा था।' लेकिन हम इसे साबित नहीं कर पाए।'

परिवार और छात्रों का आरोप
छात्रा के पिता ने आंतरिक शिकायत समिति पर पक्षपातपूर्ण रिपोर्ट तैयार करने का आरोप लगाया है और उन्हें बेटी की मौत का मुख्य जिम्मेदार बताया है। उन्होंने कहा कि अगर समय पर सख्त कदम उठाए जाते, तो उनकी बेटी आज जिंदा होती। 
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घटना के बाद सरकारी कार्रवाई
छात्रा की तरफ आत्मदाह करने के कुछ घंटों बाद राज्य सरकार ने समीर साहू को निलंबित कर दिया और उसी दिन उन्हें गिरफ्तार भी किया गया। कॉलेज के प्राचार्य दिलीप घोष को भी 12 जुलाई को निलंबित किया गया और सोमवार को आत्महत्या के लिए उकसाने और यौन उत्पीड़न के आरोपों में गिरफ्तार किया गया। वहीं इस मामले में बालासोर से सांसद प्रताप सारंगी ने कहा कि उन्होंने आंतरिक शिकायत समिति की रिपोर्ट देखी है, जिसमें समीर साहू की छवि को बेहतर दिखाने की कोशिश की गई है।

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