फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

परिवार को घर ले जाने के लिए चुराई मोटर साइकिल, पहुंचने के बाद वापस भिजवाई

Mon, 01 Jun 2020 05:34 PM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोयंबटूर
विज्ञापन
अपनी मोटर साइकिल के साथ सुरेश कुमार - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते प्रसार के बीच बने अवांछित माहौल के बीच कोयंबटूर के सुलूर से एक अच्छी खबर आई है, जब लेथ (खराद) वर्कशॉप के मालिक को उसकी चोरी हुई मोटर साइकिल शनिवार को वापस मिल गई। वर्कशॉप मालिक वी सुरेश कुमार को पार्सल एजेंसी से फोन आया कि एक उन्हें एक मोटर साइकिल भेजी गई है। यह मोटर साइकिल 18 मई को चोरी हो गई थी। 

विज्ञापन


मोटर साइकिल चोरी होने के बाद वह पुलिस के पास शिकायत दर्ज कराने गए थे लेकिन पुलिस ने उन्हें यह कह कर वापस भेज दिया था कि अभी वह कोरोना वायरस समस्या से निपटने में व्यस्त हैं और चोर को पकड़ने में फिलहाल वह उनकी सहायता नहीं कर पाएंगे। उसके बाद मामला अपने हाथ में लेते हुए कुमार ने उस इलाके में लगे एक सीसीटीवी कैमरे की फुटेज की सहायता से जांच शुरू की। 

चोर की पहचान जानने के लिए उन्होंने यह फुटेज आस-पास के लोगों को दिखाई। कुमार की कोशिश में पता चला कि मोटर साइकिल चुराने वाला व्यक्ति कुमार की फैक्टरी के पास एक चाय की दुकान पर काम करता था। उसकी पहचान प्रशांत के रूप में हुई। प्रशांत मन्नारगुड़ी कस्बे से था, जो कोयंबटूर से करीब 240 किलोमीटर दूर है। लॉकडाउन के चलते उसके पास कोई काम नहीं था। 
विज्ञापन


वह अपनी पत्नी और बच्चे को लेकर अपने घर वापस जाना चाहता था। ऐसे में उसने मोटर साइकिल चुराने का विचार बनाया जिससे वह अपने परिवार को घर ले जा सके और वह कुमार की मोटर साइकिल लेकर चला गया। बाद में जब उसे अपने साथियों से पता चला कि मोटर साइकिल चोरी की बात सामने आ गई है तो पुलिस के डर से उसने मोटर साइकिल वापस करने का फैसला किया। 

प्रशांत एक पार्सल की दुकान पर गया और मोटर साइकिल में रखे आरसी बुक में लिखे पते पर मोटर साइकिल भेजने को कहा। इसके लिए उसने 13,400 रुपये का भुगतान किया। हालांकि, कुमार को भी मोटर साइकिल प्राप्त करते वक्त 1400 रुपये अतिरिक्त भुगतान करना पड़ा क्योंकि इसके इंश्योरेंस कागज की कीमत 34 हजार रुपये थी। 

इस पूरे मामले पर मोटर साइकिल के मालिक सुरेश कुमार ने कहा, कम से कम मुझे बाइक वापस मिल गई और वह भी सही सलामत स्थिति में। लॉकडाउन के बाद मैंने अपना काम दोबारा शुरू किया था और बिना मोटर साइकिल के बहुत दिक्कत हो रही थी। 

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें