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Coimbatore Blast: ISIS फंडिंग की जांच में ED की तीन राज्यों में छापेमारी, कोविड सर्टिफिकेट से क्या है कनेक्शन?

Thu, 30 Jul 2026 03:53 PM IST
प्रशांत तिवारी पीटीआई, नई दिल्ली

सार

प्रवर्तन निदेशालय ने 2022 के कोयंबटूर कार बम धमाके से जुड़े कथित टेरर फंडिंग नेटवर्क की जांच के तहत तमिलनाडु, तेलंगाना और महाराष्ट्र में 16 स्थानों पर छापेमारी की। जांच में आरोप है कि हमले के लिए धन जुटाने में फर्जी कोविड-19 वैक्सीन प्रमाणपत्र और एक कॉलेज के जरिए कथित धोखाधड़ी वाले निवेश का इस्तेमाल किया गया। एजेंसी का दावा है कि आरोपी ISIS की विचारधारा से प्रभावित होकर हमले की साजिश में शामिल हुए थे।

 
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ED - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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प्रवर्तन निदेशालय ने गुरुवार को तीन राज्यों में कई स्थानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई वर्ष 2022 में कोयंबटूर में हुए ISIS से प्रेरित कार बम धमाके के लिए कथित तौर पर जुटाई गई आतंकी फंडिंग से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के तहत की गई। अधिकारियों के अनुसार, सुबह से ही तमिलनाडु के चेन्नई और कोयंबटूर, तेलंगाना के हैदराबाद तथा महाराष्ट्र के मुंबई में कुल 16 स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया गया।

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जांच किस आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है?
केंद्रीय एजेंसी ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत मामला दर्ज किया है। यह कार्रवाई कोयंबटूर के संगमेश्वर मंदिर के पास वर्ष 2022 में हुए आत्मघाती कार बम विस्फोट के संबंध में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) द्वारा दर्ज कई एफआईआर के आधार पर की जा रही है।

हमले को लेकर ED का क्या दावा है?
ED के मुताबिक, यह हमला जेमेशा मुबीन और उसके अन्य साथियों ने ISIS की विचारधारा से प्रेरित होकर अंजाम दिया था। इसके लिए विस्फोटकों से भरी एक मॉडिफाइड कार का इस्तेमाल किया गया था। आरोपियों ने अपनी कथित आतंकी गतिविधियों के लिए दो तरीकों से धन जुटाया। पहला, कोविड-19 महामारी के दौरान फर्जी वैक्सीन प्रमाणपत्र उपलब्ध कराने का नेटवर्क चलाकर और दूसरा, कोयंबटूर के कोवई अरबी कॉलेज में कथित तौर पर धोखाधड़ी वाले निवेश (डोनेशन) के माध्यम से। एजेंसी का दावा है कि यह कॉलेज युवाओं को कट्टरपंथी बनाने की गतिविधियों में गहराई से शामिल था।
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फर्जी वैक्सीन सर्टिफिकेट का क्या था पूरा खेल?
ED के अनुसार, इस नेटवर्क के जरिए उन लोगों से पैसे वसूले जाते थे जो वास्तविक टीकाकरण कराए बिना ही कोविड-19 का फर्जी वैक्सीन प्रमाणपत्र प्राप्त करना चाहते थे। जांच में पता चला कि इस मामले के एक दर्जन आरोपी, जिनमें जेमेशा मुबीन भी शामिल था, ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यम से कोवई अरबी कॉलेज के विभिन्न सत्रों में शामिल हुए थे।

कट्टरपंथ की ओर कैसे बढ़े आरोपी?
एजेंसी के अनुसार, आरोपियों को कोवई अरबी कॉलेज के प्रमोटर जमील बाशा ने मार्गदर्शन दिया। इसके बाद वे कथित तौर पर सलाफी-जिहादी विचारधारा से प्रभावित हुए और प्रतिबंधित आतंकी संगठन ISIS के समर्थन में आतंकी हमला करने की साजिश रची।

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कोयंबटूर कार बम धमाका कब हुआ था?
23 अक्टूबर 2022 को कोयंबटूर के कोट्टाईमेडु स्थित संगमेश्वर मंदिर के पास हुए कार बम विस्फोट में आत्मघाती हमलावर जेमेशा मुबीन की मौके पर ही मौत हो गई थी।

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