उत्तर और मध्य भारत में अभूतपूर्व गर्मी के कारण बिजली की मांग रिकॉर्ड 2.14 लाख मेगावाट के करीब पहुंच गई है। हालांकि, इस बीच बिजली उत्पादन संयंत्रों में कोयले की कमी के कारण मांग के मुकाबले आपूर्ति में गंभीर कमी आई है। यूपी, दिल्ली, बिहार, हरियाणा, झारखंड, मध्य प्रदेश, राजस्थान समेत देश के कम से कम 16 राज्यों में 2 से लेकर 10 घंटे तक की अघोषित बिजली कटौती हो रही है।
दिल्ली में सिर्फ एक दिन का कोयला
दिल्ली सरकार ने फिर दोहराया है कि राजधानी को बिजली देने वाले ताप विद्युत संयंत्रों में कोयले का स्टॉक तकरीबन खत्म हो गया है। सात दिन के स्टॉक की जगह इस वक्त सिर्फ एक दिन का ही बचा है। इस पर चिंता जाहिर करते हुए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने केंद्र समेत सभी सरकारों से इसका जल्द समाधान निकालने की अपील की है।
केंद्र का दावा... पर्याप्त कोयला
मालगाड़ियों से 16.2 लाख टन कोयला भेजा
रेलवे ने बिजली संकट देखते हुए मालगाड़ी की लदान और उसकी रफ्तार बढ़ा दी है। बृहस्पतिवार को मालगाड़ियों के 533 रैक में कोयले का लदान हुआ। इनमें से 427 रैक बिजली संयंत्रों तक कोयला पहुंचाने के लिए हैं। इनके जरिये 16.2 लाख टन कोयला बिजली संयंत्रों में पहुंचेगा। 147 संयंत्रों में 24% कोयला 27 अप्रैल तक 147 ताप बिजली संयंत्रों में सामान्य स्तर का 24 प्रतिशत कोयला भंडार में था। मालगाड़ियों की आवाजाही के लिए 21 जोड़ी मेल-एक्सप्रेस व पैसेंजर ट्रेनों के 753 फेरे निरस्त किए गए।