यह केस महाराष्ट्र की एक कोयला खदान से जुड़ा है। कोर्ट ने इसी मामले में कोयला मंत्रालय के पूर्व संयुक्त सचिव केएस क्रोफा को भी दो साल की कैद की सजा सुनाई है। दोनों को पिछले हफ्ते अदालत ने दोषी ठहराया था।
दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने आज कोयला घोटाले के एक मामले में दो वरिष्ठ पूर्व अधिकारियों समेत तीन को सजा सुनाई है। पूर्व कोयला सचिव एचसी गुप्ता को तीन साल की व कंपनी के निदेशक को चार साल की सजा सुनाई है। यह मामला नागपुर की एक निजी कंपनी को कोयला खदान आवंटन में धांधली से जुड़ा है।
कंपनी के बारे में गलत जानकारी देकर गुमराह किया
आरोपियों ने कंपनी की संपत्ति, क्षमता, उपकरण और खरीद की स्थिति तथा संयंत्र की स्थापना के बारे में गलत जानकारी देकर ग्रेस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के पक्ष में कोल ब्लॉक आवंटित करने के लिए केंद्र और कोयला मंत्रालय को गुमराह किया। जांच एजेंसी ने कहा कि कंपनी ने अपने आवेदन में दावा किया था कि उसका कुल नेटवर्थ 120 करोड़ रुपये है जबकि हकीकत में उसकी कुल कीमत 3.3 करोड़ रुपये थी। साथ ही कंपनी ने 30,000 टीपीए (थर्ड पार्टी एडमिनिस्ट्रेटर) के बदले अपनी मौजूदा क्षमता 1,20,000 टीपीए दिखाई थी। सुप्रीम कोर्ट ने 25 अगस्त 2014 को सभी कोल ब्लॉकों का आवंटन रद्द कर दिया था।