फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

CNG Price Hike: कैब बुकिंग के साथ अब एसी के लिए करना पड़ सकता है अलग भुगतान, सीएनजी के बढ़ते दामों का असर

Thu, 07 Apr 2022 09:20 PM IST
गौरव पाण्डेय अजीत यादव, नई दिल्ली

सार

अगर आप आने-जाने के लिए अक्सर कैब का इस्तेमाल करते हैं तो आपकी जेब पर ज्यादा असर पड़ सकता है। कैब चालक ईंधन की बढ़ती कीमतों के चलते एसी चलाने से परहेज कर रहे हैं।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : पिक्साबे
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

आम आदमी को बार-बार महंगाई के झटके लग रहे हैं। कंप्रेस्ड नेचुरल गैस यानी CNG के दाम फिर से बढ़ा दिए गए हैं। बीते तीन दिनों से लगातार सीएनजी के दामों में बढ़ोतरी जारी है। दिल्ली से सटे नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम जैसे शहरों में भी सीएनजी महंगी हो गई। यहां भी सीएनजी के दाम में 2.50 रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी हुई है। ऐसे में कैब चालकों और इनसे सफर करने वाले लोगों के लिए हालात बहुत गंभीर हो गए हैं।

विज्ञापन


अगर आप आने-जाने के लिए अक्सर कैब का इस्तेमाल करते हैं तो आपकी जेब पर ज्यादा असर पड़ सकता है। कैब चालक ईंधन की बढ़ती कीमतों के चलते एसी चलाने से परहेज कर रहे हैं। ऐसे में अगर आप यात्रा के दौरान ड्राइवर से एसी चलाने के लिए कहते हैं तो हो सकता है कि आपको एसी के लिए आपको अलग से पैसा देना पड़ जाए। चालकों का कहना है कि यह हमारी मांग नहीं बल्कि मजबूरी है।



एक कैब चालक का कहना है कि एसी कैसे चलाएं, गैस की कीमत इतनी ज्यादा हो गई है और किराया बढ़ नहीं रहा है। अगर हम एसी चलाते हैं तो कैसे भरपाई करेंगे। दिल्ली-एनसीआर के तमाम ड्राइवरों की यही कहानी है। एक अन्य कैब चालक कहना है कि सीएनजी के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। ओला, ऊबर जैसी कंपनियों ने किराया बढ़ाया नहीं है। ऐसे में संकट का सामना हमें करना पड़ रहा है।
विज्ञापन


महंगाई लगातार बढ़ती जा रही है लेकिन वेतन नहीं, सरकार उठाए कदम
वहीं, आम जनता का कहना है कि महंगाई लगातार बढ़ रही है लेकिन सैलरी बढ़ नहीं रही है। किसी तरह मैनेज कर रहे हैं। ऑटो या कैब का किराया बहुत महंगा हो गया है। जिन स्थानों तक मेट्रो जाती है वहां तक को राहत है लेकिन अगर आपका घर या जहां आपको जाना है वह मेट्रो स्टेशन से दूर है तो कैब या ऑटो से ही जाना पड़ता है। कैब चालक और आम जनता दोनों ही सरकार से कोई कदम उठाने की मांग कर रहे हैं जिससे दोनों को राहत मिल सके।

जगह देखकर कैंसल कर देते हैं बुकिंग, बढ़ा किराया देने को मजबूर यात्री
महानगरों से लेकर छोटे शहरों तक में एप टैक्सी सुविधा का दूसरा नाम बन चुकी है। टैक्सी लेने के लिए किसी स्टैंड तक जाने की आवश्यकता न रह जाने और अपनी मनचाही जगह से टैक्सी बुला लेने के कारण यह लोगों की पहली पसंद बनकर उभर रही है। लेकिन इस सुविधा के लिए अब लोगों को भारी कीमत भी चुकानी पड़ रही है। पीक टाइम में लोगों को सामान्य से 1.5 गुना तक किराया चुकाना पड़ रहा है। लगभग हर दूसरे (47 फीसदी) ग्राहक ने शिकायत की है कि किसी स्थान विशेष पर जाने की बुकिंग देखकर टैक्सी ड्राइवर बुकिंग कैंसिल कर देते हैं जिससे उन्हें परेशानी होती है। कई यात्रियों ने शिकायत की है कि नकद पैसा न देने की स्थिति में भी ड्राइवर बुकिंग कैंसल कर रहे हैं जिससे उन्हें असुविधा होती है।

लोकल सर्कल्स के सर्वे ने अपने एक अध्ययन में पाया है कि कोरोना काल में कमजोर हुआ एप टैक्सी का व्यापार अब 70 फीसदी तक रिकवर कर चुका है। लोग आवागमन के लिए खूब तेजी के साथ एप टैक्सी की बुकिंग करना शुरू कर चुके हैं। लेकिन इसी के साथ यात्रियों की शिकायतें बढ़ गई हैं। लोग बार-बार बुकिंग कैंसल होने और प्रतीक्षा अवधि बढ़ने से परेशान होने लगे हैं। परिवहन नियमों के अनुसार इस तरह का कैंसिलेशन गलत होने और टैक्सी सेवा देने कंपनियों द्वारा हेल्पलाइन सुविधा उपलब्ध कराने के बाद भी इस तरह की घटनाओं में कमी नहीं आ रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें