केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और सीएम मोहन यादव
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मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मंगलवार को दिल्ली पहुंचे। सीएम ने शाम को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से उनके निवास पर मुलाकात की। इस दौरान उनके साथ भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा भी मौजूद रहे। 15 दिन के अंदर मुख्यमंत्री डॉ. यादव का यह चौथा राजधानी दौरा है। इससे पहले सीएम 18 अगस्त को पीएम नरेंद्र मोदी से मिलने दिल्ली पहुंचे थे।
अमर उजाला को विश्वस्त सूत्रों ने बताया कि, सीएम यादव के साथ भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा भी दिल्ली आए। एयरपोर्ट से सीएम मध्य प्रदेश भवन के लिए रवाना हुए। जबकि जेपी नड्डा अपने निवास गए। सीएम यादव ने मध्यप्रदेश भवन में अधिकारियों के साथ एक अहम बैठक की। इसके बाद वे गृहमंत्री शाह से मिलने उनके निवास पहुंचे। बाद में इस बैठक में भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा भी शामिल हुए। सूत्रों ने बताया कि, तीनों नेताओं की इस बैठक में मध्यप्रदेश में संगठनात्मक नियुक्तियों के साथ साथ निगम मंडल की नियुक्तियों को लेकर भी चर्चा हुई है। 2028 में उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ की तैयारी को लेकर मुख्यमंत्री ने एक विस्तृत रिपोर्ट केंद्रीय नेतृत्व के समक्ष रखी है। तीनों नेताओं की यह बैठक करीब एक घंटे चली। बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन को लेकर भी चर्चा हुई है। जैन इस महीने रिटायर होने वाले हैं। सूत्रों का कहना है कि बैठक में उनका कार्यकाल बढ़ाने को लेकर भी चर्चा हुई है। मुख्यमंत्री की गुडबुक में शामिल अनुराग जैन को एक्सटेंशन मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। शाह से मुलाकात के बाद सीएम मध्य प्रदेश भवन पहुंचे।
सूत्रों का कहना है कि,मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का दिल्ली दौरा इसलिए अहम है क्योंकि मुख्य सचिव अनुराग जैन भी उनके साथ आए है। माना जा रहा है कि इस बैठक में अनुराग जैन के कार्यकाल को लेकर भी निर्णय हो सकता है। इस बैठक के बाद ही प्रमुख सचिव अनुराग जैन के एक्सटेंशन को लेकर कोई स्थिति साफ होगी। जैन का कार्यकाल पूरा होने में महज पांच दिन का समय बाकी है। अभी वर्किंग डे तीन दिन बचे हैं। 29 अगस्त के बाद शनिवार और रविवार को सार्वजनिक अवकाश है।
इसलिए यह माना जा रहा है कि सीएस जैन का एक्सटेंशन या इस पद पर नए अफसर की तैनाती इस अवधि में क्लियर हो जाएगी। हालांकि सूत्रों का यह भी कहना है कि अगर मुख्य सचिव जैन को एक्सटेंशन नहीं मिलता है तो उन्हें केंद्र में या प्रदेश में नई जिम्मेदारी जल्द सौंपी जा सकती है। नए सीएस के पद के लिए अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा सबसे प्रबल दावेदार हैं। वे जैन के रिटायरमेंट के बाद एमपी कैडर के सबसे सीनियर आईएएस हो जाएंगे।
प्रशासनिक अमले में ऐसी भी चर्चा है कि अगर सीएस जैन रिटायर होते हैं तो केंद्र में पदस्थ एमपी कैडर के आईएएस अलका उपाध्याय या मनोज गोविल में से किसी एक को सीएस बनाया जा सकता है। मध्य प्रदेश में पदस्थ अशोक वर्णवाल का नाम भी सीएस की दौड़ में आ गया है। हालांकि एसीएस डॉ. राजेश राजौरा का नाम सीएस बनने की लिस्ट में सबसे ऊपर है।