फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

योगी का राह पर चले शुभेंदु?: 'मुगलों-पठानों के नाम पर नहीं होगी कोई सड़क', बंगाल के मुख्यमंत्री का बड़ा एलान

Tue, 23 Jun 2026 09:59 PM IST
हिमांशु सिंह चंदेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता

सार

CM Suvendu: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने घोषणा की है कि कोलकाता में अब मुगलों, पठानों और दमनकारी ब्रिटिश शासकों के नाम पर कोई सड़क या इलाका नहीं रहेगा। इसके लिए राज्य सरकार एक समिति गठित करेगी। सुहरावर्दी एवेन्यू का नाम बदलने को लेकर विपक्ष ने सरकार पर इतिहास को विकृत करने का आरोप लगाया है। आइए, विस्तार से पढ़ते हैं....
विज्ञापन
योगी का राह पर चले शुभेंदु - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर नामकरण को लेकर नई बहस छिड़ गई है। उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार द्वारा शहरों, सड़कों और स्थानों के नाम बदलने के बाद अब पश्चिम बंगाल में भी इसी तरह की पहल देखने को मिल रही है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने मंगलवार को विधानसभा में बड़ा एलान करते हुए कहा कि कोलकाता में अब किसी भी सड़क या इलाके का नाम मुगलों, पठानों या दमनकारी ब्रिटिश शासकों के नाम पर नहीं रखा जाएगा। उनके इस बयान के बाद राज्य की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है।

विज्ञापन


मुख्यमंत्री ने विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान यह टिप्पणी की। उनका बयान ऐसे समय आया है, जब कोलकाता नगर निगम द्वारा सुहरावर्दी एवेन्यू का नाम बदलकर गोपाल मुखर्जी रोड किए जाने को लेकर सियासी घमासान मचा हुआ है। विपक्ष सरकार पर इतिहास को तोड़-मरोड़कर पेश करने का आरोप लगा रहा है, जबकि सरकार इसे ऐतिहासिक भूल सुधारने की दिशा में उठाया गया कदम बता रही है।

क्या सड़कों और इलाकों के नामों की समीक्षा होगी?

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने घोषणा की कि राज्य सरकार सड़कों और सार्वजनिक स्थलों के नामों की समीक्षा के लिए एक समिति का गठन करेगी। इस समिति की अध्यक्षता स्वामी प्रदीप्तानंद उर्फ कार्तिक महाराज करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि आम लोग भी इस समिति को सुझाव दे सकेंगे और केवल सच्चे देशभक्तों के नामों पर ही विचार किया जाएगा।

ये भी पढ़ें- 'ममता ही तृणमूल': AITC अध्यक्ष की नियुक्ति पर मोइत्रा ने साधा निशाना, कहा- फिर लड़े चुनाव, ताकत पला चल जाएगी

सुहरावर्दी एवेन्यू को लेकर विवाद क्यों बढ़ा?

यह पूरा विवाद कोलकाता की प्रमुख सड़क सुहरावर्दी एवेन्यू का नाम बदलकर गोपाल मुखर्जी रोड किए जाने के बाद शुरू हुआ। विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी ने दावा किया कि यह सड़क पूर्व पाकिस्तानी प्रधानमंत्री हुसैन शहीद सुहरावर्दी के नाम पर नहीं, बल्कि प्रसिद्ध चिकित्सक और कलकत्ता विश्वविद्यालय के पहले मुस्लिम कुलपति सर हसन सुहरावर्दी के नाम पर रखी गई थी। उनका आरोप है कि सरकार ऐतिहासिक तथ्यों की अनदेखी कर रही है।

मुख्यमंत्री ने क्या तर्क दिया?

शुभेंदु अधिकारी ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि कोलकाता की पहचान बंगाली संस्कृति और गौरव से जुड़ी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सिस्टर निवेदिता को छोड़कर किसी विदेशी नाम को नहीं रखा जाएगा। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि एपीजे अब्दुल कलाम जैसे महान भारतीयों के नामों को सम्मान दिया जाएगा।

विपक्ष ने सरकार पर क्या आरोप लगाए?

कांग्रेस और माकपा ने सरकार के फैसले की आलोचना की है। कांग्रेस नेताओं पवन खेड़ा और जयराम रमेश ने कहा कि सरकार इतिहास को राजनीतिक नजरिए से देख रही है। वहीं माकपा ने आरोप लगाया कि सड़क का नाम बदलने के पक्ष में चलाया गया अभियान ऐतिहासिक रूप से गलत तथ्यों पर आधारित है। इस मुद्दे को लेकर आने वाले दिनों में बंगाल की राजनीति और गर्म होने के संकेत हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें