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'पिछली सरकार के घोटालों से बदनाम हुआ बंगाल': सीएम शुभेंदु अधिकारी बोले-युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ मंजूर नहीं

Sat, 23 May 2026 12:04 PM IST
राकेश कुमार पीटीआई, कोलकाता।

सार

सीएम शुभेंदु अधिकारी ने पिछली टीएमसी सरकार पर बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया है कि रेलवे ने यहां परीक्षा केंद्र बंद कर दिए, जिससे युवाओं को दूसरे राज्यों में जाना पड़ा। मुख्यमंत्री ने अतीत के घोटालों पर प्रहार करते हुए राज्य की छवि को सुधारने और पारदर्शी व्यवस्था बहाल करने की प्रतिबद्धता जताई है ताकि बंगाल के युवाओं को रोजगार के लिए भटकना न पड़े।
 
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शुभेंदु अधिकारी, मुख्यमंत्री, पश्चिम बंगाल - फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने शनिवार को कहा कि राज्य पिछले तृणमूल कांग्रेस शासन के दौरान हुए विभिन्न भर्ती घोटालों के कारण बदनाम हुआ है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अब राज्य को इस निराशाजनक स्थिति से बाहर निकालने की सख्त जरूरत है। रोजगार मेले को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कलकत्ता उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय को पिछली सरकार की अवैधताओं में हस्तक्षेप करना पड़ा। इन घोटालों से पश्चिम बंगाल की छवि को भारी नुकसान पहुंचा है। उन्होंने कहा, 'हमें अपने प्रिय पश्चिम बंगाल को इस दलदल से बाहर निकालना ही होगा।'
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परीक्षा केंद्रों की शुचिता हुई भंग- सीएम अधिकारी
केंद्र सरकार की ओर से आयोजित इस रोजगार मेले में युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे गए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि पश्चिम बंगाल कभी अपनी उच्च शिक्षा और बौद्धिक स्तर के लिए जाना जाता था। दुर्भाग्य से स्कूल नौकरियों और नगर निकाय भर्ती घोटालों के कारण राज्य की साख गिरी है। उन्होंने खुलासा किया कि परीक्षा केंद्र इस कदर दागी हो चुके थे कि पूर्वी रेलवे, दक्षिण पूर्वी रेलवे और पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे ने राज्य में अपनी भर्ती परीक्षाएं आयोजित करना ही बंद कर दिया था।

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पड़ोसी राज्यों में भटकने को मजबूर युवा: मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने राज्य के युवाओं के दर्द को साझा करते हुए कहा कि स्थानीय परीक्षा केंद्रों की विश्वसनीयता खत्म होने के कारण पश्चिम बंगाल के युवाओं को परीक्षाओं में बैठने के लिए बिहार, असम और ओडिशा जैसे पड़ोसी राज्यों में जाना पड़ रहा था। उन्होंने कहा कि माता-पिता अपने बच्चों के उज्ज्वल करियर का सपना देखकर उन्हें पढ़ाते-लिखाते हैं। लेकिन, टीएमसी शासन के दौरान विभिन्न सरकारी क्षेत्रों में हुई भर्ती की अनियमितताओं ने उन माता-पिता के सपनों को पूरी तरह से चकनाचूर कर दिया।
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