केरल भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने सोशल मीडिया पर उभरी 'कॉकरोच पार्टी' को लेकर एक बड़ा दावा किया है। उन्होंने शनिवार को आरोप लगाया कि यह व्यंग्यात्मक डिजिटल संगठन भारत को अस्थिर करने के लिए सीमा पार से चलाया जा रहा एक 'इन्फ्लुएंस ऑपरेशन' है। इसका सीधा मकसद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार को निशाना बनाना है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर चंद्रशेखर ने इसे विपक्ष की शह पर काम करने वाला एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा बताया है।
वैश्विक हताशा और भारत विरोधी एजेंडा
भाजपा नेता ने आगाह किया कि आज के दौर में सोशल मीडिया, बॉट्स और एआई का हथियारीकरण किया जा रहा है। ऐसे में नकली और बनावटी विमर्श को सोशल मीडिया पर वास्तविक दिखाकर देश में अस्थिरता पैदा करने की कोशिश की जा रही है, जो बेहद खतरनाक और प्रभावी तरीका है। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत का जो वैश्विक उत्थान और आधुनिकीकरण हुआ है, उससे कई देश और निहित स्वार्थी तत्व बुरी तरह बौखलाए हुए हैं। यही वजह है कि भारत की इस तरक्की की राह में लगातार रोड़े अटकाए जा रहे हैं।
चंद्रशेखर ने कोविड-19 महामारी, रूस-यूक्रेन युद्ध, अमेरिका-ईरान तनाव, ऊर्जा संकट और चीनी आक्रामकता जैसी वैश्विक चुनौतियों का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि इन तमाम संकटों के बावजूद मोदी सरकार ने भारत को सुरक्षित और आर्थिक रूप से मजबूत बनाए रखा है। यही सच्चे नेतृत्व की पहचान है। उन्होंने आक्रामक तेवर अपनाते हुए कहा कि कोई भी 'कॉकरोच', छोटा विपक्ष का नेता, मोदी विरोधी या विदेशी ताकत भारत के 'विकसित भारत' बनने के संकल्प को नहीं रोक सकती।
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बंगलूरू पुलिस का अलर्ट
इस बीच, पिछले हफ्ते अचानक सोशल मीडिया पर आकर सुर्खियां बटोरने वाले 'कॉकरोच जनता पार्टी' (सीजेपी) के आधिकारिक एक्स अकाउंट को भारत में प्रतिबंधित कर दिया गया है। हालांकि, इसके तुरंत बाद 'कॉकरोच इज बैक' नाम से एक नया हैंडल एक्टिव हो गया, जिस पर लिखा है, 'कॉकरोच कभी नहीं मरते'।
दूसरी तरफ, बंगलूरू पुलिस ने भी इस मामले में कड़ा रुख अपनाया है। बंगलूरू नगर पुलिस ने शनिवार को जनता के लिए एक चेतावनी जारी की। पुलिस ने 'कॉकरोच जनता पार्टी कर्नाटक' की ओर से 24 मई को बंगलूरू के टाउन हॉल के पास बुलाई गई 'शांतिपूर्ण मानव श्रृंखला' में शामिल होने या इसका प्रचार करने से मना किया है। पुलिस ने कहा कि इस कार्यक्रम के लिए कोई अनुमति नहीं दी गई है। इसलिए लोग सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे संदेशों पर भरोसा न करें और न ही उन्हें आगे बढ़ाएं।
केरल में विपक्ष का मिला खुला समर्थन
दिलचस्प बात यह है कि इस व्यंग्यात्मक आंदोलन को केरल में विपक्षी दलों का खुला समर्थन मिल रहा है। कांग्रेस और उसकी सहयोगी दल आईयूएमएल सहित सीपीआईएम के युवा नेता इसके पक्ष में उतर आए हैं। केरल के नवनिर्वाचित विधायक अबिन वर्गी (कांग्रेस), पी के नवास और टी पी अशरफअली (आईयूएमएल) के साथ-साथ सीपीआईएम के वी के सनोज ने इस डिजिटल मुहिम का खुलकर समर्थन किया है। इसके अलावा, स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के प्रदेश अध्यक्ष एम शिवप्रसाद ने भी इसके पक्ष में अपनी बात रखी है, जिससे यह मामला पूरी तरह राजनीतिक रंग ले चुका है।