कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया का संकट समाप्त होने का नाम नहीं ले रहे हैं। बैंगलोर टर्फ क्लब के अध्यक्ष पद के लिए एक दोस्त का नाम आगे कर फंसते दिख रहे हैं। सूत्रों के अनुसार सिद्धारमैया ने अध्यक्ष पद के लिए जिस कारोबारी का नाम आगे किया है उसके साथ उनके कारोबारी संबंध हैं और सिद्धारमैया ने उसके साथ 1.3 करोड़ रुपए का लेन-देन किया है।
पूरे लेन-देन को गड़बड़झाला बताते हुए सामाजिक कार्यकर्ता एस भास्करन ने राज्यपाल वाजुभाई वाला से सीएम के खिलाफ केस करने के लिए संतुति मांगी है। अपनी याचिका में भास्करन ने सीएम और कारोबारी के बीच लेन-देन और सरकार के द्वारा कारोबारी का नाम अध्यक्ष पद के लिए आगे करने का जिक्र है। वहीं मामले में कारोबारी एल विकेकानंद ने आरोपों को खारिज कर दिया है, हालांकि उन्होंने सीएम को 1.3 करोड़ रुपए का लोन देने की बात स्वीकार की है।
भास्करन ने 25 मई को दाखिल अपनी याचिका में सीएम सिद्धारमैया से पूछताछ की इजाजत मांगी है। साथ ही बैंगलोर टर्फ क्लब के लिए सरकार द्वारा कारोबारी के नाम को मनोनीत करना और सीएम सिद्धारमैया द्वारा वर्ष 2014-15 के संपत्ती ब्यौरे का लोकायुक्त द्वारा जांच की बात कही गयी है। उन्होंने अपनी याचिका में लिखा है कि सीएम सिद्धारमैया ने केंद्र द्वारा जारी निर्देषों का उल्लंघन किया है। गौरतलब है कि मुख्यमंत्रियों के लिए किए और न किए जाने वाले कार्यों की लिस्ट केंद्र सरकार तैयार करती है।