कर्नाटक में भाजपा शासन काल के दौरान हुए घोटालों की समीक्षा के लिए मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने मंगलवार को गृह मंत्री परमेश्वर की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय मंत्रिस्तरीय समिति का गठन किया है। फिलहाल राज्य सरकार और जांच एजेंसियों द्वारा विभिन्न घोटालों की जांच चल रही है। समिति द्वारा चल रही जांच के संबंध में की जाने वाली कार्रवाई की समीक्षा के साथ समन्वय बनाया किया जाएगा। समिति को दो महीने के अंदर कार्य पूरा करने के लिए कहा गया है।
सीएम सिद्धारमैया द्वारा गठित की समिति में कानून और संसदीय कार्य मंत्री एच के पाटिल, राजस्व मंत्री कृष्णा बायरे गौड़ा, ग्रामीण विकास मंत्री प्रियांक खड़गे और श्रम मंत्री संतोष लाड को समिति का सदस्य बनाया गया है।
इससे पहले दिन में परमेश्वर ने संवाददाताओं से कहा कि भाजपा शासन के दौरान 20-25 घोटाले हुए हैं और उन सभी की समीक्षा की जाएगी। उन्होंने कहा, 'पिछली कैबिनेट बैठक के दौरान एक कैबिनेट उप-समिति का गठन किया गया था, मुझे इसका अध्यक्ष बनाया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि रिपोर्ट दो महीने में प्रस्तुत की जानी चाहिए, हमने प्रक्रिया शुरू कर दी है। हमने लगभग 20-25 घोटाले सूचीबद्ध किए हैं, हम उन सभी की समीक्षा करेंगे।'
गृह मंत्री परमेश्वर ने एक सवाल के जवाब में कहा, 'अगर वे (भाजपा) प्रतिशोध की राजनीति में लिप्त हैं, तो हमें क्या करना चाहिए? हमें भी राजनीति करनी चाहिए, इसलिए हम रिपोर्ट मांगेंगे और उन पर कार्रवाई करेंगे।' विपक्ष के कथित घोटालों के बाद, उन्होंने विभिन्न घोटालों के संबंध में सत्तारूढ़ दल के लोगों को निशाना बनाना शुरू कर दिया।
कांग्रेस नेताओं ने राहुल गांधी को लिखा पत्र, सीएम की चाहत रखने वालों को दें चेतावनी
दूसरी तरफ, कांग्रेस नेताओं के एक समूह ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को पत्र लिखकर कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन की स्थिति में मुख्यमंत्री पद की दावेदारी कर रहे पार्टी नेताओं और राज्य मंत्रियों को चेतावनी दी है। वर्तमान और पूर्व विधायकों व कुछ पूर्व मंत्रियों सहित पत्र के हस्ताक्षरकर्ताओं ने उनसे कांग्रेस पार्टी और कर्नाटक राज्य के हित में भविष्य में हानिकारक बयान जारी न करने का निर्देश जारी करने का भी आग्रह किया है।
चूंकि MUDA साइट आवंटन मामले में उनके खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए राज्यपाल की मंजूरी को चुनौती देने वाली मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की याचिका पर उच्च न्यायालय में सुनवाई चल रही है, ऐसा लगता है कि कांग्रेस नेता राज्य में नेतृत्व परिवर्तन की स्थिति में सीएम बनने की दौड़ की तैयारी कर रहे हैं। वे खुलेआम अपनी इच्छा जाहिर कर रहे हैं।
लापरवाह बयानों से नेता और कार्यकर्ता हो रहे हतोत्साहित
राहुल गांधी को संबोधित पत्र में कहा, वरिष्ठ मंत्रियों सहित छह से अधिक नेता भाजपा और जद (एस) के खिलाफ लड़ने के बजाय मुख्यमंत्री पद का दावा करते हुए बयान जारी कर रहे हैं। इससे हमारे कई नेता और कार्यकर्ता हतोत्साहित हो रहे हैं और उम्मीद खो रहे हैं। इसमें कहा गया है कि इसी तरह, कुछ नेताओं के 'अंदरूनी कलह और लापरवाह बयानों' के कारण कर्नाटक के लोग धीरे-धीरे पार्टी और सरकार पर विश्वास खो रहे हैं।
पत्र पर हस्ताक्षर करने वालों में कांग्रेस नेता बीएल शंकर, वीएस उगरप्पा, एचएम रेवन्ना, वीआर सुदर्शन, एल हनुमंतैया, प्रकाश राठौड़ शामिल हैं।