कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने शनिवार को बंगलूरू के फकीर कॉलोनी में अतिक्रमण के खिलाफ अभियान का बचाव किया। उन्होंने कहा कि यह सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे के खिलाफ जरूरी कदम था। सिद्धारमैया ने यह टिप्पणी तब की, जब उनके केरल के समकक्ष पिनरई विजयन का बयान सामने आया। विजयन ने बंगलूरू में कथित बुलडोजर कार्रवाई की निंदा की थी।
विजयन ने शुक्रवार को कहा कि कर्नाटक की राजधानी में अल्पसंख्यक आवासीय क्षेत्रों में इमारतों को ध्वस्त करना आश्चर्यनजक और दुखद घटना है। वहीं, दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत में सिद्धारमैया ने कहा कि 2019 से पांच एकड़ के भूखंड पर अवैध रूप से रह रहे थे, जो ठोस कचरा प्रबंधन के लिए निर्धारित था। उन्होंने कहा, वहां कोई सुरक्षा नहीं थी। इसलिए अधिकारियों ने अवैध तरीके से कब्जा कने वालों को नोटिस भेजा और उन्हें खाली करने के लिए कहा। जब उन्होंने खाली नहीं किया, तो उन्हें बेदखल किया गया।
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उन्होंने कहा, वहां कोई सुरक्षा नहीं थी। इसलिए अधिकारियों ने अवैध तरीके से कब्जा करने वालों को नोटिस भेजा और उन्हें खाली करने के लिए कहा। जब उन्होंने खाली नहीं किया, तो उन्हें बेदखल किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने बृहत बंगलूरू प्राधिकरण (जीबीए) के मुख्य आयुक्त और शहरी विकास विभाग के सचिव से आग्रह किया है कि बेदखल किए गए लोगों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जाए, क्योंकि इनमें अधिकांश प्रवासी हैं।
उन्होंने कहा, वे अन्य जगहों से यहां आए हैं, लेकिन मानवीय दृष्टिकोण से हमें उनके लिए वैकल्पिक व्यवस्था करनी होगी और उन्हें रहने की जगह प्रदान करनी होगी। कर्नाटक के परिवहन मंत्री रामालिंगा रेड्डी ने विजयन को सलाह दी कि पहले अपने राज्य का पर फोकस करें।
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रेड्डी ने कहा, वह अपने राज्य का ध्यान रखें, हम अपने राज्य का देखेंगे। हालांकि, मुझे नहीं पता कि उन घरों को क्यों बेदखल किया गया क्योंकि मैं शहर में नहीं था। मुझे विवरण मिलने के बाद ही प्रतिक्रिया दूंगा।
विजयन ने शुक्रवार को कहा कि कर्नाटक की राजधानी में अल्पसंख्यक आवासीय क्षेत्रों में इमारतों को ध्वस्त करना आश्चर्यनजक और दुखद घटना है। वहीं, दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत में सिद्धारमैया ने कहा कि 2019 से पांच एकड़ के भूखंड पर अवैध रूप से रह रहे थे, जो ठोस कचरा प्रबंधन के लिए निर्धारित था। उन्होंने कहा, वहां कोई सुरक्षा नहीं थी। इसलिए अधिकारियों ने अवैध तरीके से कब्जा कने वालों को नोटिस भेजा और उन्हें खाली करने के लिए कहा। जब उन्होंने खाली नहीं किया, तो उन्हें बेदखल किया गया।