कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया
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कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने 22 अगस्त को कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) की बैठक बुलाई है। दरअसल, मैसूर शहरी विकास प्राधिकरण (एमयूडीए) भूमि घोटाला मामले में सिद्धारमैया के खिलाफ मुकदमा चलेगा। राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने मुकदमा चलाने की अनुमति दे दी है। इसी को देखते हुए यह बैठक विधान सौदा के कॉन्फ्रेंस हॉल में करने का फैसला लिया है।
राज्य के सूचना प्रौद्योगिकी और जैव प्रौद्योगिकी मंत्री प्रियांक खरगे ने कहा, 'चूंकि राज्यपाल की भूमिका के बारे में भारी हंगामा हो रहा है। इसलिए हमें अपने लोगों को अवगत कराने की जरूरत है। आखिरकार वे जनता के प्रतिनिधि हैं। 136 विधायकों को यह जानने की जरूरत है कि क्या हो रहा है।'
सीएम हाउस के एक सूत्र ने बताया कि बैठक मुडा घटनाक्रम से संबंधित है। मुख्यमंत्री कांग्रेस विधायकों को मामले के तथ्यों के बारे में जानकारी देंगे और कानूनी व राजनीतिक रूप से मामले को लड़ने की रणनीति तैयार करेंगे।
राज्यपाल ने मुकदमा चलाने की मंजूरी दी
राज्यपाल थावर चंद गहलोत ने तीन व्यक्तियों की शिकायतों पर कार्रवाई करते हुए सिद्धारमैया के खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति दी है। राज्यपाल थावर चंद गहलोत के सीएम के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी को कर्नाटक हाईकोर्ट में चुनौती दी जाएगी। इस संबंध में जानकारी मुख्यमंत्री की तरफ से दी गई है।
सीएम पर है ये आरोप
बता दें कि कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया पर एमयूडीए द्वारा अधिग्रहित जमीन के एक टुकड़े को अपनी पत्नी के नाम से बदलने का आरोप है। गौरतलब है कि उनकी पत्नी को मैसूर के एक पॉश इलाके में जमीन दी गई थी और जिसकी बाजार कीमत उनकी अपनी जमीन से कहीं ज्यादा है। भाजपा ने हाल ही में इस मामले में सीएम का इस्तीफा मांगते हुए बंगलूरू से लेकर मैसूर तक पैदल यात्रा भी निकाली थी।
कोर्ट में भी गया है मामला
मैसूर शहरी विकास प्राधिकरण (एमयूडीए) वैकल्पिक भूखंड आवंटन घोटाले के संबंध में कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया के खिलाफ दो निजी शिकायतों की सुनवाई एक विशेष अदालत ने 20 अगस्त के लिए टाल दी थी। अब्राहम की याचिका पर 21 अगस्त को सुनवाई होगी। अदालत दो कार्यकर्ताओं स्नेहमयी कृष्णा और टीजे अब्राहम की निजी शिकायत की स्वीकार्यता के संबंध में मामले की सुनवाई कर रही है।