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Assam: 'सुप्रीम कोर्ट के नाम का दुरुपयोग कर रहे', 'मिया' टिप्पणी को लेकर गौरव गोगोई ने CM सरमा पर साधा निशाना

Fri, 30 Jan 2026 10:22 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी (असम)

सार

Assam: कांग्रेस नेता गौरव गोगोई ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा की मिया मुस्लिम टिप्पणी की आलोचना की और कहा कि यह शीर्ष कोर्ट की अवमानना है। कोर्ट को इसका संज्ञान लेना चाहिए। क्या है पूरा मामला, पढ़ें रिपोर्ट-
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गौरव गोगोई - फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
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कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने शुक्रवार को असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा की 'मिया मुस्लिम' टिप्पणी को लेकर उन पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरमा अपनी टिप्पणी को सही ठहराने के लिए सुप्रीम कोर्ट के नाम का 'दुरुपयोग' कर रहे हैं।
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झूठ बोल रहे मुख्यमंत्री सरमा: गौरव गोगोई
गौरव गोगोई ने एक्स पर एक पोस्ट में हिमंत बिस्व सरमा की सियासत को 'बेईमानी और बेशर्मी की राजनीति' बताया। उन्होंने कहा कि असम के मुख्यमंत्री झूठ बोल रहे हैं और सुप्रीम कोर्ट ने न तो ऐसे शब्द लिखे हैं और न ही उन्हें स्वीकार किया है।

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'सुप्रीम कोर्ट ने नहीं किया ऐसे शब्दों का इस्तेमाल'
उन्होंने कहा, बेईमानी और बेशर्मी हिमंत बिस्वा सरमा की राजनीति की पहचान है। वह इतने नीचे गिर चुके हैं कि सुप्रीम कोर्ट के नाम का दुरुपयोग कर रहे हैं। वह सर्बानंद सोनोवाल मामले में 'अपने शब्दों' से सुप्रीम कोर्ट का हवाला दे रहे हैं। यह सरेआम झूठ है। उन्होंने आगे कहा, जो भाषा वह इस्तेमाल कर रहे हैं, वह सुप्रीम कोर्ट की नहीं है। माननीय कोर्ट ने न तो उन शब्दों को लिखा और न ही अपनाया। कार्यपालिका की एक रिपोर्ट को न्यायिक फैसला बताना जानबूझकर किया गया अवमानना का कृत्य है। 

गोगोई की यह प्रतिक्रिया तब आई, जब असम के मुख्यमंत्री ने कथित बांग्लादेशी घुसपैठियों के लिए 'मिया मुस्लिम' शब्द के इस्तेमाल का बचाव किया और दावा किया कि सुप्रीम कोर्ट ने खुद असम में प्रवासियों की बढ़ती संख्या पर चिंता जताई है। हालांकि, गोगोई ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के नाम से गलत तरीके से शब्द जोड़ना सांविधानिक मर्यादा पर हमला है और अदालत को इस पर संज्ञान लेना चाहिए।

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उन्होंने कहा, सांविधानिक पद पर बैठे मुख्यमंत्री की ओर से सुप्रीम कोर्ट के नाम से झूठे शब्द जोड़ना केवल अवमानना नहीं है, बल्कि सांविधानिक शुचिता और संस्थागत गरिमा पर हमला है। सुप्रीम कोर्ट को हिमंत बिस्व सरमा की उन टिप्पणियों पर संज्ञान लेना चाहिए, जो संविधान का उल्लंघन करती हैं और अदालत से झूठा संबंध जोड़ती हैं।

मुख्यमंत्री सरमा ने क्या कहा था?
  • विपक्ष की आलोचनाओं के बीच असम के मुख्यमंत्री ने कहा था कि जो लोग उन पर हमला कर रहे हैं, उन्हें सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणियां पढ़नी चाहिए।
  • पत्रकारों से बात करते हुए सरमा ने कहा कि जो लोग बांग्लादेश से आए हैं, वे खुद को 'मिया' कहते हैं।
  • उन्होंने कहा, जो बांग्लादेश से आए हैं, वे खुद को 'मिया' कहते हैं। मैंने उन्हें यह नाम नहीं दिया, वे खुद ऐसा कहते हैं। 
  • मुख्यमंत्री ने आगे कहा, 'उन्होंने ही कहा कि हमें मिया कहकर बुलाओ। उन्होंने मिया कविता लिखी। अगर हम 'मिया, मिया' कहते हैं, तो वे हमें 'असमिया, असमिया' भी कह सकते हैं; इसमें समस्या क्या है?'
एक्स पर एक पोस्ट में मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि 'मिया' शब्द को लेकर उन पर हमला करने वालों को असम पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणियों पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने लिखा, जो लोग 'मिया' (जो असम में अवैध बांग्लादेशी मुसलमानों के संदर्भ में इस्तेमाल होता है) पर मेरी टिप्पणी के लिए मुझ पर हमला कर रहे हैं, उन्हें रुककर देखना चाहिए कि सुप्रीम कोर्ट ने असम के बारे में क्या कहा है।  




 
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