म्यांमार में हुए सैन्य तख्तापलट के बाद लोगों का पलायन करना जारी है। आम लोगों के साथ बड़े राजनेता भी भारत में शरण ले रहे हैं। एक अधिकारी के मुताबिक म्यांमार के चिन राज्य के मुख्यमंत्री सलाई लियान लुई ने 9000 से ज्यादा लोगों के साथ मिजोरम में शरण ली है।
म्यांमार के चिन प्रांत के मुख्यमंत्री सलाई लियान लुई सोमवार की रात सीमा पार कर चंफाई जिले में शरण ली, लुई शरण लेने वाले 20 से अधिक सांसदों में शामिल हैं। वह आंग सांग सूकी की पार्टी नेशनल लीग ऑफ डेमोक्रेसी के नेता हैं। शरणार्थियों में बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मी शामिल हैं, जिनमें ज्यादातर पुलिस वाले हैं। इससे मिजोरम सरकार ने केंद्र से शरणार्थियों के प्रवेश को मानवीय संकट के रूप में देखने का आग्रह किया है।
म्यांमार का राज्य चिन भारत के मिजोरम राज्य के जिले जैसे चंफाई, सियाहा, लवंगतलाई, सेरछिप, हनहथियाल और सैतुअल की सीमा को छूता है। म्यांमार के चिन समुदाय और भारत में मिजो के लोग जो जातीय समूह के हैं और वे एक ही वंश के माने जाते हैं। चिन लोग म्यांमार के चिन राज्य में बसे हुए हैं, जो मिजोरम के साथ 404 किलोमीटर की झरझरा सीमा साझा करता है।
बता दें कि म्यांमार की भारत के साथ बंगाल की खाड़ी में समुद्री सीमा के साथ ही 1,600 किलोमीटर से लंबी बिना बाड़ की जमीनी सीमा भी है। भारत के चार पूर्वोत्तर राज्य अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर और मिजोरम म्यांमार के साथ अंतरराष्ट्रीय सीमा साझा करते हैं।